देहरादून भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में शनिवार को 155वें पासिंग आउट परेड के बाद देश को 456 युवा सैन्य अफसर मिले हैं. इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 491 जेंटलमैन कैडेट्स ने कमीशन प्राप्त कर सशस्त्र बलों में अपना सफर शुरू किया जिनमें कैडेट्स 35 मित्र राष्ट्रों से हैं. ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित इस परेड की सलामी नेपाल के सेना प्रमुख, जनरल अशोक राज सिगडेल ने ली.
इस साल पास आउट होने वाले बैच में 155 रेगुलर कोर्स, 44 टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस-44), 138 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स और स्पेशल कमीशन ऑफिसर्स (एससीओ-53) के कैडेट्स शामिल थे. इसके अलावा 13 मित्र देशों के 35 विदेशी कैडेट्स ने भी ट्रेनिंग पूरी की, जिनमें नेपाल सेना के दो कैडेट्स शामिल थे.
परेड के दौरान कई पुरस्कार प्रदान किए गए-
नेपाल सेना के प्रमुख ने दी बधाई
नेपाल सेना के प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने परेड की समीक्षा की और कैडेट्स को उनके अनुशासन, परिश्रम और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी. उन्होंने यह दौरा नवंबर 2024 में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की नेपाल यात्रा के बाद हुआ है, जहां उन्हें नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा नेपाल सेना के मानद जनरल का रैंक प्रदान किया गया था.
नेपाल की सेना में 200 से अधिक कैडेट्स की ट्रेनिंग इसी एकेडमी से
अपने संबोधन में जनरल सिगडेल ने आईएमए की ऐतिहासिक विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि नेपाल सेना के 200 से अधिक कैडेट्स ने इसी अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया है और नेपाल सेना में उच्च पदों पर पहुंचे हैं. उन्होंने इस परेड को दोनों देशों के बीच गहरे और मजबूत सैन्य संबंधों का प्रतीक बताया.
एक भावुक और ऐतिहासिक क्षण
परेड के बाद पिपिंग सेरेमनी आयोजित की गई, जहां कैडेट्स के परिजनों और प्रियजनों ने उनके कंधों पर रैंक लगाकर उन्हें कमीशन अधिकारी बनाया. यह पल कैडेट्स और उनके परिवारों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा हुआ था.
जनरल सिगडेल ने आईएमए के युद्ध स्मारक पर पुष्प चढ़ाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने नए कमीशन अधिकारियों से देश सेवा के प्रति समर्पित रहने और अपने कार्यों के माध्यम से गौरव अर्जित करने का आह्वान किया.
155वां पासिंग आउट परेड आईएमए की अनुशासन और प्रशिक्षण की उच्च परंपराओं का जीवंत प्रमाण है. यह आयोजन न केवल भारत के लिए बल्कि नेपाल और अन्य मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग के मजबूत संबंधों को भी उजागर करता है. इस ऐतिहासिक दिन को लाखों लोगों ने विभिन्न मीडिया प्लेटफार्मों पर लाइव देखा और कैडेट्स की यात्रा के इस गौरवशाली अध्याय का हिस्सा बने.
अंकित शर्मा