इस राज्य में स्कूलों में गुटखा-पान मसाला खाने वाले शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई, श‍िक्षा विभाग ने दिया आदेश

गुजरात के शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. अबसे स्कूल में अगर शिक्षक पान मसाला खाएंगे तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. शिक्षा विभाग ने यह सर्कुलर जारी किया है.

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Gujarat Education Board Banned Paan Masala in Schools Gujarat Education Board Banned Paan Masala in Schools

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

गुजरात में शिक्षा विभाग ने स्कूल में पान मसाला खाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही करने का आदेश दिया है. ऐसा देख गया है कि कई स्कूलों में शिक्षक छात्रों को पढ़ाते हुए पान मसाले का सेवन कर रहे हैं और स्कूलों के बाहर सिगरेट, पान मसाला खुलेआम बिक रहा है. इससे छात्रों पर गलत असर पड़ेगा. राज्य के तमाम जिला शिक्षाधिकारियों को सर्कुलर जारी कर शिक्षा विभाग ने शिक्षकों द्वारा स्कूल में किए जा रहे पान मसाला के सेवन पर रोक लगाने को कहा है. 

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शिक्षा विभाग ने सर्कुलर में कहा है कि पान मसाला, सिगरेट की बिक्री स्कूलों के आसपास हो रही है और शिक्षक खुलेआम बच्चों के सामने पान मसाला, सिगरेट का सेवन करते दिखाई देते हैं. बच्चों को जिस शिक्षा के मंदिर से जीवन का पाठ सीखना है वो उसकी जगह पान मसाला और सिगरेट का सेवन करके पढ़ाई करवा रहे हैं. शिक्षा जगत के लिए ये बात एक लांछन है. कानून के मुताबिक इस चीज पर रोक लगाई जानी चाहिए. 

शिक्षा धाम को व्यसन मुक्त रखने का CM कार्यालय से आदेश

गुजरात के स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक स्कूल में पान मसाले का सेवन कर रहे हैं. इसकी शिकायत कुछ समय पहले मुख्यमंत्री को मिली थी. इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से आदेश हुआ कि स्कूलों में किसी भी प्रकार का व्यसन नहीं होना चाहिए. अगर कोई शिक्षक स्कूल में नशा करता है तो उन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हो. जिसके बाद शिक्षा विभाग ने सर्कुलर जारी कर स्कूल में पान-मसाला और सिगरेट के सेवन पर रोक लगी दी है.

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स्कूलों को भेजा गया सर्क्युलर

गुजरात राज्य स्कूल संचालक महामंडल के प्रेसिडेंट भास्कर पटेल ने कहा कि हमने तमाम स्कूल को पत्र लिखकर सरकार के सर्क्युलर का पालन करने को कहा है. स्कूल में कोई शिक्षक, आचार्य या फिर क्लर्क समेत कोई भी कर्मचारी अगर पान-मसाले या सिगरेट का सेवन स्कूल में करें तो उसको आर्थिक दंड और रिकॉर्ड बुक में नोटिस दर्ज करने का आदेश भी दिया है. बच्चे स्कूल के शिक्षकों को देखकर सीखते हैं ऐसे में देश के भविष्य को सही मार्गदर्शन देना जरुरी है. भास्कर पटेल ने कहा कि इसके अलावा स्कूल के 100 मीटर के भीतर पान मसाला या सिगरेट की दुकान ना हों. इसका ध्यान सरकार और पुलिस को भी रखना होगा. 

बता दें कि मुख्यमंत्री कार्यालय को मिली शिकायत के बाद स्कूल में पान मसाले के सेवन पर रोक लगाने को लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से तो सर्कुलर हो गया है, लेकिन स्कूल के आसपास पान मसाले की दुकान नहीं होनी चाहिए ये भी कानून बना हुआ है. समय-समय पर इस बात को लेकर कई NGO और संस्थाएं विरोध भी करती रहती हैं, लेकिन ऐसी दुकानों के खिलाफ जो स्कूल के नजदीक हैं,  उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाती है.

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