कड़ाके की ठंड, शीतलहर के बीच खुले आसमान तले तम्बू में हुए DU ओपन लर्न‍िंग के एग्जाम

दिल्ली विश्वविद्यालय ने ओपन लर्निंग के छात्रों के लिए परीक्षा की व्यवस्था टेंट में करवाई है. कड़ाके की ठंड, शीतलहर और कोहरे के बीच छात्रों का पेपर लिखना मुश्किल हो रहा है. टेंट और तम्बू की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

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अनमोल नाथ

  • नई दिल्ली,
  • 09 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:14 PM IST

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में ओपन लर्निंग के छात्रों ने टेंट और आउटडोर में परीक्षा दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विभिन्न वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें छात्र कॉलेज प्रशासन का मजाक उड़ाते हुए रील्स और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर शेयर की जा रही हैं. इडिया टुडे टीवी जमीनी हालात की जांच करने के लिए मोती लाल नेहरू कॉलेज साउथ कैंपस पहुंचा है.

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परीक्षा करवाने के लिए टेंट में लगाई गईं चेयर-टेबल

यहां टेंट का एक समूह बनाया गया है, जहां छात्र परीक्षा शुरू होने का इंतजार करते नजर आए. क्लस्टर को टी-1, टी-2 और टी-3 नामक तीन केंद्रों में विभाजित किया गया था.  इंडिया टुडे टीवी से बात करते हुए ओपन लर्निंग डिपार्टमेंट से बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्र ऋषि ने कहा कि 28 दिसंबर को मेरी पहली परीक्षा के लिए, मैं उस दिन तंबू के नीचे बैठा था, ठंड थी लेकिन थोड़ी सी धूप हमारे लिए राहत थी लेकिन मुझे राहत नहीं मिली. आज इस कड़ाके की ठंड में कैसे लिखूंगा पता नहीं”.

ऋषि ने कहा, "मैं अपनी आज की अकाउंट्स परीक्षा को लेकर घबराया हुआ हूं."  अन्य मुक्त शिक्षण छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किये हैं.  एक छात्र ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि “यह भेदभाव है, ओपन लर्निंग के छात्रों को टेंट देते हैं और नियमित छात्रों को परीक्षा के लिए कक्षाएं देते हैं.  हम यूनिवर्सिटी को फीस के तौर पर 7000-8000 रुपये भी देते हैं.

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ठंडक के कारण लिखते समय ऊंगलियां कांपती हैं- छात्र

यहां छात्र इस तरह से बैठे हैं, जैसे किसी होटल में कुर्सियां ​​लगाई जाती हैं. एक ही कक्षा के छात्र एक दूसरे के सामने बैठे हैं और एक ही टेबल साझा कर रहे हैं.  इससे छात्रों के लिए नकल करना आसान हो गया है.  कालकाजी से बी.कॉम प्रथम वर्ष के ओपन लर्निंग छात्र जावेद ने कहा, "भले ही नकल करना आसान है लेकिन शिक्षक सख्त हैं. फिर भी, इससे मदद मिलती है". उसी कक्षा के एक अन्य छात्र नीतीश ने कहा कि 21 दिसंबर को मैंने अपनी पहली परीक्षा टेंट में दी और फिर दूसरी हॉल में लेकिन ठंडक है और लिखते समय उंगलियां कांपती हैं.

एक यूजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की, जिसमें अरबिंदो कॉलेज में बैठने की जगह दिखाई दे रही है, जहां खुले में कुर्सियां ​​और टेबल रखी हुई हैं. यूजर कॉलेज प्रशासन का मजाक उड़ाते हुए कह रहा है, ''यह व्यवस्था रोमांटिक लग रही है, कोई एक-दूसरे के साथ डेट कर सकता है और बात कर सकता है, यह 'शादी का इंतजाम' जैसा लग रहा है, रील को 19,500 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं.

इंस्टाग्राम पर डु_क्लब नाम के एक अन्य यूजर ने मोतीलाल नेहरू कॉलेज से बैठने की व्यवस्था का एक वीडियो साझा किया है. वीडियो को 37,000 से अधिक लाइक्स मिले हैं. इंडिया टुडे टीवी ने इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए मोतीलाल नेहरू कॉलेज के प्रिंसिपल योगेश्वर शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन हमारे कॉल और संदेशों का जवाब नहीं दिया गया.

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