UP के स्कूलों में एडमिशन के लिए अब बच्चों के साथ माता-पिता का आधार जरूरी नहीं, सरकार का फैसला

उत्तर प्रदेश सरकार ने RTE अधिनियम के तहत स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया को आसान बनाया है. अब निजी स्कूलों में RTE कोटे के लिए आवेदन करते समय बच्चे और माता-पिता का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा. वित्तीय प्रतिपूर्ति के लिए कम से कम एक अभिभावक का आधार जरूरी है. प्रवेश 25 प्रतिशत क्षमता तक सीमित रहेगा और ऑनलाइन लॉटरी से आवंटन होगा. यह बदलाव वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का वास्तविक लाभ दिलाने के उद्देश्य से किया गया है.

Advertisement
प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के नए नियम आए हैं. (Photo: Representational)  प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के नए नियम आए हैं. (Photo: Representational)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:34 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए बड़ा बदलाव किया है. अब RTE के तहत बच्चों के स्कूल एडमिशन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा. सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद वंचित और कमजोर वर्ग के परिवारों को दस्तावेजों की जटिलताओं से राहत देना और अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है.

Advertisement

जानिए क्या है नया नियम?
संशोधित नियमों के तहत निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों में RTE कोटे के लिए आवेदन करते समय अब बच्चे और माता-पिता दोनों के आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. हालांकि, वित्तीय सहायता के भुगतान के लिए आधार जरूरी रहेगा. RTE के तहत दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि केवल आधार से जुड़े बैंक खातों में ही ट्रांसफर की जाएगी, जिसके लिए कम से कम एक अभिभावक का आधार विवरण आवश्यक होगा.

प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के नियम 
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि RTE अधिनियम की धारा 12(1)(c) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश, प्रवेश कक्षा की कुल क्षमता के 25 प्रतिशत तक सीमित रहेगा. प्रत्येक जिले के लिए वार्षिक प्रवेश लक्ष्य तय किए जाएंगे. आयु सीमा के अनुसार, 3 से 4 वर्ष के बच्चे नर्सरी, 4 से 5 वर्ष के बच्चे एलकेजी और 6 से 7 वर्ष के बच्चे कक्षा 1 में प्रवेश के पात्र होंगे.

Advertisement

दस्तावेजों का सत्यापन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर पर किया जाएगा. इसके बाद स्कूलों का आवंटन दो चरणों में ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के जरिए होगा. अंतिम चयन सूची को जिलाधिकारी की मंजूरी मिलेगी. शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव RTE अधिनियम की भावना के अनुरूप है और इससे वास्तविक लाभार्थियों को स्कूलों में प्रवेश पाने में बड़ी राहत मिलेगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement