MP: जिस्मफरोशी का अड्डा बना अस्पताल, 2 महिलाओं सहित 5 गिरफ्तार

चरक हॉस्पिटल में कई दिनों से जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था. हॉस्पिटल की ऊपरी मंजिलों पर कई लोगों की साठगांठ से यह धंधा चलाया जा रहा था.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • उज्जैन,
  • 22 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:02 AM IST

  • चरक अस्पताल बन गया जिस्मफरोशी का अड्डा
  • अस्पताल की चौथी मंजिल चल रहा था देह व्यापार
  • मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है चरक हॉस्पिटल
  • उज्जैन एसपी ने जांच के लिए एसआईटी गठित की

उज्जैन से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक हॉस्पिटल में देह व्यापार के धंधे का खुलासा हुआ है. ये देह व्यापार मध्य प्रदेश का सबसे बड़े हॉस्पिटल में चलाया जा रहा था. इस मामले में पुलिस ने दो महिलाओं सहित कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है. यही नहीं इस गोरखधंधे में धकेली गई एक नाबालिग के गर्भवती होने की बात भी सामने आई है.

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करीब सौ करोड़ की लागत से बने शासकीय चरक हॉस्पिटल में कई दिनों से जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था. हॉस्पिटल की ऊपरी मंजिलों पर कई लोगों की साठगांठ से यह धंधा चलाया जा रहा था. चरक हॉस्पिटल में छह मंजिल हैं. जहां चरक हॉस्पिटल में तीसरी मंजिल तक स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं, जिसमें चौथी से छठी मंजिल खाली हैं. चरक हॉस्पिटल की चौथी से छठी मंजिल पर जिस्मफरोशी का खेल कई महीनों से चलाया जा रहा था.

ग्राहक बुलाकर जिस्म का धंधा

बताया जा रहा है कि यहां कई ऐसी सुनसान जगह भी हैं. इन्हीं का फायदा उठाते हुए कुछ दलालों ने इसे अनैतिक काम का अड्डा बना लिया. यहां वेश्याओं को बुलाया जाता था और ग्राहकों को बुलाकर सौदा तय किया जाता था.

इधर एसपी उज्जैन सचिन अतुलकर का कहना है की इस तरह की कई शिकायतें मिलीं थीं जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है. इसमें पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है. वहीं हॉस्पिटल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है.

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आगे उनका कहना है कि जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है जिसमें कोई बड़ा खुलासा हो सकता है. वहीं गर्भवती नाबालिग लड़की को वन स्टॉप सेंटर में देखभाल के लिए रखा गया है. बताया जा रहा है नाबालिग नागझिरी थाना क्षेत्र की है.

उज्जैन कलेक्टर शशांक मिश्र ने सीएमएचओ को भी जांच के लिए भेजा है. शशांक मिश्र ने बताया कि चरक हॉस्पिटल में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली है. इस मामले में जांच जारी है. उनका कहना है कि अगर हॉस्पिटल की मिली भगत मिली तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी.

वहीं इस मामले में सज्जन सिंह वर्मा का कहना है कि एसपी और कलेक्टर को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं. सामाजिक वातावरण को दूषित करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाना चाहिये. गृह मंत्री से कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है जिससे समाज में अच्छा मैसेज जाए.

(इनपुट-संदीप कुलश्रेष्ठ)

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