पायल तडवी केस: हाई कोर्ट ने आरोपी तीनों डॉक्टरों को दी सशर्त जमानत

डॉक्टर पायल तडवी आत्महत्या मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीनों आरोपी महिला डॉक्टरों को सशर्त जमानत दी है. तीनों आरोपियों को नायर अस्पताल जाने से रोका गया है.

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डॉक्टर पायल तडवी की फाइल फोटो (सोर्स- फेसबुक) डॉक्टर पायल तडवी की फाइल फोटो (सोर्स- फेसबुक)

विद्या

  • मुंबई,
  • 09 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 3:05 PM IST

पायल तडवी आत्महत्या केस में बॉम्बे हाई कोर्ट ने आरोपी तीनों डॉक्टरों को जमानत दे दी है. हाईकोर्ट ने आरोपी भक्ति महरे, हेमा आहूजा और अंकिता खंडेलवाल को 2 लाख रुपये के निजी मुचलके और हर दूसरे दिन क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने की शर्त पर जमानत दी है.

इन तीनों को नायर अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी. डॉक्टर पायल को खुदकुशी के लिए उकसाने और अन्य आरोपों के चलते तीन आरोपी महिला डॉक्टर भक्ति मेहर, हेमा आहूजा और अंकिता खंडेलवाल को गिरफ्तार किया गया था.

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डॉक्टर पायल तडवी ने हॉस्टल के कमरे में खुदकुशी की थी और इस मामले में तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया था. इन आरोपी डॉक्टरों का जिक्र डॉक्टर तडवी ने अपने आखिरी खत में भी किया है.

डॉक्टर तडवी ने लिखा, ‘पिछले एक साल से इस उम्मीद से मैं उनसे सुने जा रही थी कि यह सब खत्म हो जाएगा लेकिन मैं अब केवल अंत देख रही हूं. वास्तव में इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं है, मुझे इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं दिखा.’

पायल तडवी के परिवार वालों का भी आरोप है कि तीनों महिला डॉक्टरों ने उनके अनुसूचित जनजाति का होने को लेकर ताने कसते थे  और मानसिक रूप से प्रताणित करते थे. पायल तडवी मुंबई के बीवाईएल नायर हॉस्पिटल में एमडी सेंकड ईयर की छात्रा थीं.

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डॉक्टर पायल का एडमिशन आरक्षित कोटे से हुआ था. इसी बात का जिक्र कर पायल के सीनियर उन्हें प्रताड़ित करते थे. छात्रा के परिवार वालों ने इस बात की शिकायत हॉस्टल वार्डन से भी की थी. वॉर्डन ने तीनों को बुलाकर समझाया भी था कि इस तरह की मानसिक प्रताड़ना से बाज आएं लेकिन सीनियर माने नहीं.

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