केरल के कोट्टायम में ऑनर किलिंग से जुड़े एक मामले में 10 आरोपियों को दोषी क़रार दिया गया है. कोट्टायम के प्रधान सत्र न्यायालय ने एक युवक का अपहरण कर की गई हत्या से जुड़े मामले में ये फैसला सुनाया. मृतक युवक जिस युवती से प्यार करता था, दोषियों में उस युवती का भाई भी शामिल है. इस केस में युवती के पिता समेत चार अभियुक्तों को सबूत के अभाव में रिहा कर दिया गया. दोषियों को सज़ा 24 अगस्त को सुनाई जाएगी.
घटना के बारे में बताया गया है कि 23 वर्षीय केविन जोसेफ और 21 वर्षीय नीनू प्रेम संबंध में थे और दोनों ने शादी करने का फैसला किया. केविन की जाति को लेकर लड़की के घरवालों को इस रिश्ते पर सख्त ऐतराज़ था. मई 2018 में केविन और नीनू ने जोड़े ने रजिस्टर्ड शादी कर ली. लड़की के घरवालों ने इस पर आपत्ति जताई लेकिन तब पुलिस की मौजूदगी में मामले को सुलझा लिया गया.
नीनू ने पुलिस के सामने केविन के साथ रहने की इच्छा जताई. दोनों बालिग थे, इसलिए पुलिस ने दोनों को साथ रहने के लिए जाने दिया. 26 मई की आधी रात को केविन और उसके एक दोस्त अनीश का कोट्टायम में घर से ही कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया. अपहरण का आरोप नीनू के भाई और उसके दोस्तों पर लगा.
पुलिस से इस मामले की शिकायत की गई लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया. वीआईपी ड्यूटी का हवाला देकर पुलिस ने अगले दिन भी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. मीडिया में मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस केविन को ढूंढने के लिए अभियान शुरू किया. 27 मई की रात को केविन का दोस्त अनीश किसी तरह अपहृताओं की पकड़ से भाग निकला.
28 मई को केविन का शव कोल्लाम जिले में नदी से मिला. इस घटना पर लोगों के आक्रोश को देखते हुए राज्य सरकार ने ड्यूटी निभाने में नाकाम रहने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की. सब इंस्पेक्टर और एडिशनल सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया.
केस की फास्ट ट्रैक सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया गया. घटना के बाद नीनू ने केविन के घरवालों के साथ रहने का फैसला किया. नीनू और अनीश की गवाहियों ने अभियोजन को दोषियों को कानून के अंजाम तक पहुंचाने में मदद की.
परवेज़ सागर