हवाला रैकेटः वी चैट पर होती थी बात, आयकर विभाग की जांच में हुए ये खुलासे

आयकर विभाग का अनुमान है कि चार्ली पेंग की ओर से दलाई लामा और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए दिए रिश्वत दी गई.

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हवाला लेनदेन में शातिर चार्ली पेंग हवाला लेनदेन में शातिर चार्ली पेंग

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 4:27 PM IST

  • आईटी को चार्ली पेंग के अकाउंटेंट की मिली जानकारी
  • चीनी कंपनियों के लिए 300 से अधिक बार हुए लेनदेन

हवाला रैकेट मामले में आयकर विभाग की जांच-पड़ताल जारी है. आयकर विभाग (आईटी) ने दिल्ली स्थित एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के बारे में पता लगाया है, जो हवाला लेनदेन में शातिर चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग की मदद करता था.

आयकर विभाग के मुताबिक यह चार्टर्ड अकाउंटेंट 40 से ज्यादा बैंक अकाउंट्स हैंडल करता था. छानबीन में पता चला है कि इन बैंक खातों के माध्यम से चीनी कंपनियों के लिए 300 से अधिक बार लेनदेन किया गया है. यह भी पता चला है कि हवाला रैकेट के तार हांगकांग तक जुड़े हुए हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है.

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हवाला लेनदेन को लेकर 'वी चैट' पर बातचीत के बारे में पता चला है. आयकर विभाग ने जिन बैंक खातों को अटैच्ड किया है उनमें हवाला कारोबार के करोड़ों रुपये पड़े हुए हैं. इस हवाला मामले को लेकर अब आयकर विभाग के रडार पर कई बैंकों के कर्मचारी भी आ गए हैं.

जीएसटी विभाग के संपर्क में आईटी डिपार्टमेंट

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को यह भी पता चला है कि बड़ी चीनी कंपनियां छोटी चीनी कंपनियों के लिए नकली खरीद के लिए ऑर्डर जारी कर रही थीं. छोटी चीनी कंपनियों ने फर्जी बिल बनाए. चीनी कंपनियों की ओर से नकली बिक्री की गई थी या नहीं, इसकी जांच के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जीएसटी विभाग के संपर्क में है.

दलाई लामा के बारे में पता लगाने को दी रिश्वत!

आयकर विभाग को पता चला है कि चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग ने दिल्ली में कुछ लामाओं को रिश्वत दी थी. रुपये से भरे पैकेट दिल्ली में मजनू का टीला इलाके में दिए गए थे. इन पैकेट्स में 2-3 लाख रुपये थे.

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आयकर विभाग का अनुमान है कि ये पैसे दलाई लामा और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए दिए गए होंगे. इस सिलसिले में हवाला को लेकर आरोपियों के बीच चाइनीज ऐप 'वी चैट' पर बातचीत का पता चला है. चार्ली पेंग के ऑफिस में काम करने वाले लड़कों का इस्तेमाल इस रकम को पहुंचाने में किया गया. इन लड़कों ने कबूल किया कि उन्होंने रुपये से भरे पैकेट लामाओं को दिए थे. मामले में आगे की जांच करने के लिए आयकर विभाग ने सभी जानकारियों को अन्य एजेंसियों के साथ साझा किए हैं.

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