दिल्ली अग्निकांड: तीन भाइयों के नाम पर थी बिल्डिंग, बन गई 43 लोगों की कब्रगाह

600 गज में बनी इस इमारत की चारों मंजिलों पर कपड़े के बैग, प्लास्टिक और बाइंडिंग का काम होता था. हालांकि इससे पहले वहां पर दाल गोदाम हुआ करता था.

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दिल्ली अनाज मंडी में आग (रामकिंकर सिंह) दिल्ली अनाज मंडी में आग (रामकिंकर सिंह)

पुनीत शर्मा / सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST

  • दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री मालिक रेहान को गिरफ्तार कर लिया है
  • बिल्डिंग में आग से निपटने का नहीं था कोई इंतजाम
  • तंग इलाका होने की वजह से बचाव अभियान में आई दिक्कत

दिल्ली के अनाज मंदी स्थित एक फैक्ट्री में रविवार सुबह आग लग गई, जिसमें 43 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि आग एक बिल्डिंग से दूसरे बिल्डिंग में फैली. जिस फैक्ट्री में आग लगी उसके मालिक का नाम रेहान है जो सदर बाजार का रहने वाला है. दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री मालिक रेहान को गिरफ्तार भी कर लिया है जबकि उसके भाई को हिरासत में लिया है.

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दिल्ली डीसीपी नॉर्थ मोनिका भारद्वाज के मुताबिक, 'बिल्डिंग का मालिक दिल्ली के सदर बाजार का रहने वाला है. पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक के भाई को हिरासत में ले लिया है.' दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है.

600 गज में बनी इस इमारत की चारों मंजिलों पर कपड़े का बैग, प्लास्टिक और बाइंडिंग का काम होता था. हालांकि इससे पहले वहां पर दाल गोदाम हुआ करता था.

10 साल पहले मोहम्मद रहीम ने इस प्लॉट को खरीदा था, जिसके बाद उन्होंने इसे अपने तीनों बेटे- रेहान, शान-ए-लाही और इमरान में बांट दिया था. सभी भाइयों के हिस्से में 200 गज का प्लॉट आया. आग बीच वाले हिस्से में लगी थी, जो रेहान के नाम से था. फिलहाल पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के कई रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए पकड़ रखा है.  

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जिस इमारत में आग लगी थी उसकी अलग-अलग मंजिलों पर फैक्ट्री चल रही थी. रात में मजदूर काम खत्म करने के बाद वहीं सो जाते थे.

दिल्ली फायर सर्विस से नहीं लिया था NOC

दिल्ली फायर सर्विस के चीफ अतुल गर्ग के मुताबिक, 'बिल्डिंग में आग से निपटने का कोई इंतजाम नहीं किया गया था. न ही आग बुझाने का कोई उपकरण था. दिल्ली फायर सर्विस से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) भी नहीं लिया गया था.'

हानिकारक गैस कंपोजिशन की हो रही जांच

वहीं एनडीआरएफ के डिप्टी कमाडेंट आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि फिलहाल उनकी टीम गैस कटर और दूसरे सामानों के साथ मौके पर मौजूद है. बचाव दल के लोग यहां जांच कर रहे हैं कि आग लगने से कोई ऐसा कैमिकल कंपोजिशन तो नहीं बन रहा, जिसकी वजह से कोई हानिकारक गैस बनी हो. नहीं तो बिल्डिंग गिरने का खतरा हो सकता है.

दिल्ली फायर ब्रिगेड ने क्या कहा

दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की जानकारी सुबह पांच बजकर 22 मिनट पर मिली. जिसके बाद दमकल की 30 गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा गया. 150 दमकल कर्मियों ने बचाव अभियान चलाया और 63 लोगों को इमारत से बाहर निकाला.

अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में प्रतीत होता है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी. दमकल अधिकारियों ने बताया कि 43 मजदूर मारे गए और दो दमकल कर्मी घायल हुए हैं.

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उन्होंने बताया कि इकाइयों के पास दमकल विभाग का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) नहीं था. इलाके के तंग होने की वजह से बचाव अभियान में दिक्कत आ रही हैं और दमकल कर्मी खिड़कियां काट कर इमारत में दाखिल हुए.

इस बीच, बिजली वितरण कंपनी बीवाईपीएल ने दावा किया कि इमारत के भूतल पर लगे मीटर सुरक्षित हैं, जिससे प्रतीत होता है कि आग किसी अन्य कारण की वजह से लगी.

रुला देने वाला था मंज़र

घटनास्थल का मंजर दिल कंपा देने वाला था. फैक्ट्री में काम कर रहे लोगों के रिश्तेदार और स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर भाग रहे थे. आग की चपेट में आए लोगों के परेशान परिजन विभिन्न अस्पतालों में अपने संबंधियों को खोज रहे थे.

दमकल अधिकारियों ने बताया कि इलाके के संकरा होने के कारण बचाव कार्य को अंजाम देने में दिक्कत आ रही हैं. जब आग लगी तो कई मजदूर गहरी नींद में थे. इमारत में हवा आने-जाने की उचित व्यवस्था नहीं थी इसलिए कई लोगों की जान दम घुटने से चली गई.

सभी झुलसे हुए लोगों और मृतकों को आरएमएल, एलएनजेपी और हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया है, जहां लोग अपने रिश्तेदारों को ढूंढने में लगे हैं.

जांच के लिए टीम गठित

उत्तर दिल्ली के मेयर अवतार सिंह ने कहा कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त से एक टीम का गठन करने, घटनास्थल का दौरा करने और आग लगने के कारणों का पता लगाने को कहा है.

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इससे पहले, दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने जिला मजिस्ट्रेट (मध्य) को जांच करने और सात दिन के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

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