पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग, लश्कर के लिए युवाओं की भर्ती... अब SIA ने कुर्क की इस आतंकी की संपत्ति

इल्जाम है कि आरोपी अब्दुल हमीद खान वर्ष 1992 में जिला राजौरी के अन्य युवाओं के साथ हथियार प्रशिक्षण के लिए घुसपैठ के ज़रिए पाकिस्तान गया था और वर्तमान में वह आतंकी संगठन लश्कर के साथ मिलकर पाकिस्तान से काम कर रहा है.

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फरार आतंकी खान पाकिस्ता में Let के साथ मिलकर काम करता है फरार आतंकी खान पाकिस्ता में Let के साथ मिलकर काम करता है

सुनील जी भट्ट

  • जम्मू,
  • 03 मई 2024,
  • अपडेटेड 6:53 PM IST

जम्मू-कश्मीर की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने फरार आतंकवादी अब्दुल हमीद खान की पंजग्रेन (गंभीर ब्राह्मणा) तहसील मंजाकोट, जिला राजौरी में मौजूद संपत्ति कुर्क कर ली. उसके खिलाफ यह कार्रवाई यूएपीए (UAPA) की धारा 33 के तहत अंजाम दी गई. 

जानकारी के मुताबिक, आतंकी और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर संख्या 05/2021 धारा 13, 17, 18, 20, 38, 39 यूए(पी)ए, आधिकारिक गुप्त अधिनियम की धारा 3, पी/एस, जेआईसी/एसआईए जम्मू की धारा 201 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था. 

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आरोपी अब्दुल हमीद खान के दो सहयोगियों में गुरपाल सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी सिटी सुनाम जिला संगरूर, पंजाब और मोहम्मद रफीक खान पुत्र मोहम्मद कयूम निवासी पंजग्रेन (गंभीर ब्राह्मणा) तहसील मंजाकोट जिला राजौरी शामिल हैं.

इल्जाम है कि आरोपी अब्दुल हमीद खान वर्ष 1992 में जिला राजौरी के अन्य युवाओं के साथ हथियार प्रशिक्षण के लिए घुसपैठ के ज़रिए पाकिस्तान गया था और वर्तमान में वह आतंकी संगठन लश्कर के साथ मिलकर पाकिस्तान से काम कर रहा है. वो जिला राजौरी में कई आतंकवादी हमलों और आतंकी गतिविधियों में भी मददगार रहा है.

वो भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के मकसद से स्लीपर सेल को सक्रिय करने और लश्कर के ओवर ग्राउंड कार्यकर्ताओं के माध्यम से भोले-भाले युवाओं को लश्कर संगठन में शामिल होने के लिए जिम्मेदार है. इस मामले में अब्दुल हमीद खान सहित सभी आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे.

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एसआईए जम्मू ने गांव पंजग्रेन (गंभीर ब्राह्मणा) तहसील मंजाकोट जिला राजौरी में स्थित खसरा नंबर 167 के तहत लाखों रुपये की अचल संपत्ति को कुर्क करने में सफलता हासिल की है. उक्त संपत्ति की पहचान स्थानीय राजस्व कर्मचारियों ने की थी. और उक्त संपत्ति को उक्त फरार आतंकवादी के नाम पर दर्ज पाया गया है. अब उस जमीन को नामित न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एसआईए जम्मू ने यूएपीए के तहत कुर्क कर लिया है.

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