पुलिस एंड इंटेलिजेंस

जब आधी रात के वक्त गोलियों की आवाज़ से दहल उठा दिल्ली का ये इलाका, पुलिस ने ऐसे किया एनकाउंटर

तनसीम हैदर/परवेज़ सागर
  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 9:43 PM IST
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दिल्ली के एक इलाके में लोग आधी रात को गहरी नींद में सो रहे थे. अचानक एक बाद एक गोलियां चलने की आवाज़ें आने लगी. पूरा इलाका फायरिंग से गूंज रहा था. लोग गोलियों की आवाज़ से लोग नींद से जागे और किसी अनहोनी की आशंका के चलते सहम गए. किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था. लेकिन गोलियां लगातार चल रही थी. एक बाद एक फायर हो रहे थे. हर कोई जानना चाहता था कि आखिर हो क्या रहा है? किसी को कुछ पता नहीं चला. लेकिन सुबह खबर मिली कि पुलिस के साथ मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए हैं. ये कार्रवाई आधी रात में 3 घंटे तक चली.

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दिल्ली के खजूरी खास इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच बुधवार की दरम्यानी रात मुठभेड़ हुई. एनकाउंटर में पुलिस ने दो बदमाशों को ढेर कर दिया. जबकि इस एनकाउंटर के दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. मारे गए बदमाशों की पहचान राज मान और आमिर खान के तौर पर हुई है. दोनों पर चोरी, लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज थे. पुलिस और बदमाशों के बीच ये मुठभेड़ रात के ढाई बजे हुई. 

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दरअसल, ये एनकाउंटर उत्तरपूर्वी जिले की पुलिस और रोहिणी जिले की पुलिस ने संयुक्त रूप से मिलकर किया. मारा गया कुख्यात बदमाश राज मान दिल्ली के अशोक विहार इलाके का रहने वाला था. जबकि उसका साथी आमिर खान गाजियाबाद के लोनी में रहता था. दोनों के खिलाफ चोरी, लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास के कई संगीन मामले दर्ज थे. मारे गए बदमाशों के पास से दो पिस्टल, चार मैग्जीन, 60 राउंड गोली, 1.5 लाख रुपये कैश बरामद हुए हैं. 

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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक राज मान दिल्ली के अशोक विहार का रहने वाला था. राज मान पर डकैती और हत्या के प्रयास के 5 मामले दर्ज हैं. इसी तरह से आमिर खान दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके का रहने वाला था. आमिर पर चोरी, डकैती, लूटपाट और हत्या के प्रयास के 7 मामले दर्ज हैं.
 

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दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली थी कि राज मान और आमिर खजूरी खास इलाके में छिपे हुए हैं. इस जानकारी के बाद आधी रात को पुलिस दबिश देने मौके पर पहुंची. लेकिन पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई. इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए. 

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मुठभेड़ के दौरान खुद को घिरता देख दोनों बदमाशों ने अपने आप को एक इमारत के एक कमरे में बन्द कर लिया. उस बिल्डिंग में 15 परिवार थे. बाहर पुलिस फोर्स मौजूद थी और अंदर र्बदमाश. दोनों तरफ से रुक रुक कर गोलियां चल रही थीं. तभी एक कमरे की खिड़की से बदमाश ने अपना सिर बाहर निकाला और अपनी कनपटी पर पिस्टल लगा ली. उसने कहा कि अगर पुलिस ने फायरिंग बंद नहीं की और पुलिस वापस नहीं गई तो वे खुद को और इस पूरी इमारत को उड़ा देंगे.

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ये सुनकर पुलिस के होश उड़ गए. आनन फानन में पुलिस ने बड़ी मुश्किल से पूरी इमारत में मौजूद करीब 14 घरों के लोगों को पहले बाहर निकाला. इसके बाद उस इमारत की घेराबंदी कर ली गई. अब बदमाशों के भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था. इसके बाद पुलिस की टीम वहां पर दोबारा गई. फिर से एक बदमाश ने खिड़की खोली और उसने अपने सिर पर पिस्टल रखते हुए कहा कि हम खुद को गोली मार लेंगे और फौरन यहां से चले जाओ.

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रात 12:00 बजे से लेकर के 2:30 बजे तक पुलिस बदमाशों को समझाने की कोशिश करती रही कि वे सरेंडर कर दें क्योंकि वहां से निकल कर जाना उनके लिए संभव नहीं है. लेकिन जब बदमाशों ने पुलिस की बात नहीं मानी तो फिर पुलिस ने एक बड़ा हथौड़ा मंगवाया. आदिल नाम का एक युवक हथोड़ा लेकर पहुंचा और उसने पुलिस की मदद की. जोर-जोर से उसने दरवाजों पर हथोड़ा मार कर उसे तोड़ना शुरू कर दिया. 

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पुलिस की इस कार्रवाई से बदमाश बौखला गए और उन्होंने ताबड़तोड़ गोली चलानी शुरू कर दी. पहली गोली कॉन्स्टेबल सचिन को पैर में लगी और वह वहीं गिर पड़े. इसके बाद पुलिस की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाशों पर फायर खोल दिए. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आमिर और राज मान बुरी तरह घायल हो गए. ये एनकाउंटर करीब 3 घंटे तक चलता रहा.

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नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के डीसीपी संजय सेन ने बताया कि कुख्यात बदमाशों की सूचना मिलने के बाद खजूरी खास पुलिस स्टेशन ने अपने स्टाफ के साथ डीसीपी के नेतृत्व में श्रीराम कॉलोनी के मकान में रेड की. पुलिस ने जैसे ही मकान को घेरा और दूसरी मंजिल पर पहुंची तो दोनों बदमाशों ने खुद को कमरे में बंद कर लिया. बदमाशों ने अपनी ही कनपटी पर पिस्टल लगाकर कहा कि अगर पुलिस ने गोली चलाई तो हम खुद को भी उड़ा देंगे और बिल्डिंग को भी. 

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डीसीपी के अनुसार पुलिस ने आनन -फानन में बिल्डिंग में रहने वाले 14 परिवारों बिल्डिंग से बाहर निकाला. ताकि किसी को कोई नुकसान न हो. उसके बाद उन बदमाशों को सरेंडर करने के लिए कहा गया. लेकिन बदमाशों ने खिड़की से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. तब पुलिस ने जवाबी हमला किया और ये दोनों मारे गए. इस दौरान पुलिस कॉस्टेबल सचिन भी घायल हो गए.