पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैन संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने राज्य के दो गांवों भिसियाना और मननवाला के दो स्कूलों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे थे. इस तरह संगठन के लोगों के साथ ये आरोपी देश विरोधी प्रचार कर रहे थे. इनका विदेश में बैठे आतंकियों से सीधा संबंध मिला है.
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को इस ऑपरेशन की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच से यह साफ हो गया है कि गिरफ्तार आरोपियों ने लोगों को भड़काने और देश विरोधी भावनाएं फैलाने के मकसद से ये भड़काऊ नारे लिखे थे. उनका उद्देश्य पंजाब की शांति और सौहार्द को बिगाड़ना था. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में शांति रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
डीजीपी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "एक बड़ी सफलता में काउंटर इंटेलिजेंस बठिंडा ने पुलिस के साथ मिलकर बैन संगठन सिखों फॉर जस्टिस के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इन आरोपियों ने गांव भिसियाना और मननवाला के स्कूलों की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे थे. इन्हें USA में बैठे SFJ के मास्टरमाइंड गुरपतवंत सिंह पन्नू का समर्थन हासिल था."
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि इन आरोपियों को विदेशी फंडिंग मिल रही थी. पंजाब में अशांती फैलाने के पीछे विदेशी नेटवर्क का हाथ था. जांच एजेंसियों ने इस बात के सबूत भी जुटा लिए हैं कि ये फंडिंग गैर-कानूनी स्रोतों से भेजी गई थी. पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने बेहद तेजी से एक्शन लेते हुए इस प्रोपेगेंडा को समय रहते रोक दिया.
उन्होंने आगे कहा, "दोषियों को सजा दिलाने के लिए जांच पेशेवर और वैज्ञानिक तरीके से की गई है. पुलिस राज्य में शांति, सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है." इस मामले ने पंजाब पुलिस की चौकसी और तत्परता को फिर से साबित किया है. सीमावर्ती राज्य पंजाब पर अक्सर बाहरी ताकतें नजर गड़ाए रहती हैं. इस बार भी जहर फैलाने की नाकाम कोशिश की गई.
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