बिहार के गयाजी जिले में सोमवार को पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ के बाद दोहरे हत्याकांड में वांछित एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी के पैर में गोली लगी है. उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है. उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है. पुलिस की एक टीम बहुत जल्द उसका बयान दर्ज करने वाली है.
एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस तेलबीघा इलाके में पहुंची, जहां आरोपी नीतीश छिपा हुआ था. पुलिस को देखते ही उसने गोलीबारी शुरू कर दी. पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं. इस दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई. वो घायल हो कर गिर गया, जिसके बाद उसे काबू कर लिया गया.
उन्होंने आगे बताया कि मुठभेड़ में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है. आरोपी 17 मई को जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के दक्षिणगांव में हुए दोहरे हत्याकांड में वांछित था. यहां जमीन विवाद में एक बाप-बेटे का कत्ल कर दिया गया था. मृतकों की पहचान अशोक सिंह और उनके बेटे कुणाल कुमार सिंह के रूप में हुई थी.
हत्या का आरोपी नीतीश कुमार मृतक अशोक सिंह का भतीजा है. इन दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था. वारदात वाले दिन भी दोनों के बीच बहस हुई, जिसके बाद आरोपी ने पीड़ित पक्ष पर हमला करके मौत के घाट उतार दिया. उसके बाद फरार हो गया. पुलिस की एक टीम दो दिन से उसकी तलाश कर रही थी.
बताते चलें कि कुछ दिन पहले बिहार के सीतामढ़ी में हत्या की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई थी. यहां 250 रुपए के विवाद में एक 50 वर्षीय व्यक्ति बेरहमी से पिटाई की गई. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को आरोपी के घर के सामने रखकर हंगामा किया.
यह घटना सीतामढ़ी के रून्नी सैदपुर थाना क्षेत्र के रुन्नी गांव की है. यहां रहने वाले 50 वर्षीय दहौर पासवान की हत्या कर दी गई. दहौर एक स्थानीय व्यक्ति की जमीन पर छोटी सी दुकान चलाते थे, जिसका महीने का किराया 500 रुपए तय था. उन्होंने 250 रुपए जमीन मालिक को दे दिए थे, जबकि बाकी के 250 रुपए बकाया थे.
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