दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एक अदालत ने नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में एक व्यक्ति को मंगलवार को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने अपराधी पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. बलात्कार की ये वारदात साल 2021 में हुई थी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार ने मंगलवार को मोहम्मद ताज उर्फ राहुल को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई. गुरुग्राम पुलिस द्वारा सबूतों और गवाहों के साथ अदालत में दायर आरोपपत्र के आधार पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को इस मामले में दोषी ठहराया था.
पुलिस के मुताबिक, साल 2021 के फरवरी महीने में पीड़ित लड़की के परिजनों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसमें कहा गया था कि आरोपी ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर उसके साथ बलात्कार किया. आरोपी की पहचान नूंह जिले के बिछोर गांव के निवासी के रूप में हुई थी.
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था. 19 फरवरी, 2021 को उसको गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
बताते चलें कि पिछले साल दिसंबर गुरुग्राम में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने जुर्म में एक व्यक्ति को 20 साल की सजा सुनाई गई थी. ये वारदात साल 2020 में हुई थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार की अदालत ने ही अपराधी को सजा सुनाते हुए 40 हजार का जुर्माना लगाया था.
गुरुग्राम के सेक्टर 40 पुलिस स्टेशन में 6 जून, 2020 को एक शिकायत प्राप्त हुई थी. इसमें आरोप लगाया गया था कि किसी बहाने से 15 वर्षीय लड़की को बहला-फुसलाकर उसके साथ बलात्कार किया गया. इसके बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो एक्ट) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच शुरू की गई. पुलिस ने छत्तीसगढ़ के मूल निवासी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था.
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