ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम, अश्लील डांस और अफसर की मस्ती... PCS अधिकारी के साथ नपे 3 पुलिसकर्मी, 14 आयोजक गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में अश्लील डांस कार्यक्रम के वीडियो वायरल होने के बाद SDO को पद से हटा दिया गया है, जबकि उनके साथ वीडियो में दिख रहे 3 पुलिसकर्मी भी सस्पेंड कर दिए गए हैं. साथ ही 14 आयोजकों की गिरफ्तारी भी हुई. ये मामला जानने के लिए पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में SDO को उनके पद से हटा दिया गया है (फोटो-ITG) इस मामले में SDO को उनके पद से हटा दिया गया है (फोटो-ITG)

aajtak.in

  • गरियाबंद ,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:56 PM IST

Chhattisgarh Obscene Dance Case: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है. वहां एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम में कथित अश्लील डांस के दौरान एक सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सामने आई. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया. अब इस मामले में SDO को पद से हटा दिया गया है, जबकि तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

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उरमाल गांव में था ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम
यह पूरा विवादित मामला गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम से जुड़ा है. यह कार्यक्रम बीते सप्ताह आयोजित किया गया था. कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर अश्लील डांस परफॉर्मेंस हुई. रविवार को इस कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद प्रशासन की किरकिरी शुरू हो गई.

कैमरे में कैद हुए अफसर और पुलिसकर्मी
वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि कार्यक्रम स्थल पर SDO और कुछ पुलिसकर्मी मौजूद थे. वीडियो में पुलिसकर्मी न सिर्फ डांस देख रहे थे, बल्कि पैसे उड़ाते और वीडियो रिकॉर्ड करते भी नजर आए. इन तस्वीरों और वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए कि कानून के रक्षक ही नियम तोड़ते दिख रहे हैं.

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SDO को हटाने का आदेश
गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने मीडिया को बताया कि SDO (राजस्व) तुलसीदास मरकाम को उनके पद से हटा दिया गया है. वह राज्य प्रशासनिक सेवा (PCS) के अधिकारी हैं. कलेक्टर ने कहा कि पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. यह जांच अतिरिक्त कलेक्टर के माध्यम से कराई जाएगी.

कमिश्नर को जाएगी जांच रिपोर्ट
कलेक्टर भगवान सिंह उइके के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट रायपुर संभागीय आयुक्त को भेजी जाएगी. इसके बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. प्रशासन ने साफ किया है कि मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.

मूक दर्शक बन गए थे अफसर
कलेक्टर ने कहा कि SDO कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे और उनकी भूमिका वीडियो में स्पष्ट दिख रही है. क्षेत्र के कार्यपालिक दंडाधिकारी होने के नाते उनकी जिम्मेदारी थी कि ऐसे कार्यक्रम को तुरंत रोका जाए. इसके बजाय कार्यक्रम उनकी मौजूदगी में चलता रहा. यही कारण है कि उनकी भूमिका को बेहद गंभीर माना गया है.

बिना रिपोर्ट अनुमति
जांच में यह भी सामने आया है कि SDO ने 5 जनवरी से 10 जनवरी तक कार्यक्रम की अनुमति दी थी. आरोप है कि यह अनुमति तहसीलदार और स्थानीय पुलिस थाने से जरूरी रिपोर्ट लिए बिना दी गई. प्रशासन ने इसे गंभीर प्रक्रियागत उल्लंघन बताया है, जो नियमों के खिलाफ है.

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चार दिन तक चला अश्लील कार्यक्रम
शो-कॉज नोटिस के मुताबिक, 5 जनवरी से 9 जनवरी के बीच चार दिनों तक कथित अश्लील डांस कार्यक्रम चलता रहा. इस दौरान SDO की तस्वीरें कार्यक्रम स्थल से अखबारों और सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं. इसके बावजूद किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई.

SDO ने नहीं की कार्रवाई
नोटिस में कहा गया है कि कार्यपालिक दंडाधिकारी होने के बावजूद SDO ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की. वह लगातार कार्यक्रम देखते रहे. प्रशासन ने इसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी के लिए अनुचित और अनुशासनहीन आचरण माना है.

नियमों का उल्लंघन
शो-कॉज नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि इस तरह का व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन है. नोटिस में इसे निंदनीय, अशोभनीय और सरकारी सेवा की गरिमा के खिलाफ बताया गया है. यह मामला अब विभागीय जांच के दायरे में है.

आयोजक समिति के 14 सदस्य गिरफ्तार
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है. कार्यक्रम की आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि बिना नियमों का पालन किए और अश्लील कार्यक्रम आयोजित करने के आरोप में यह कार्रवाई की गई है.

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तीन पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
कार्यक्रम में मौजूद तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उन पर अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. पुलिस विभाग ने इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी है.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. लोगों ने सवाल उठाया कि जब अफसर और पुलिस ही नियमों की अनदेखी करेंगे, तो कानून का पालन कौन करेगा. कई यूजर्स ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की.

प्रशासन ने दिया सख्त संदेश
इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई को एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पद की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है. नियमों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
 

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