दिल्ली पुलिस ने फेक ऑनलाइन पीएचडी एडमिशन रैकेट का भंडाफोड़ किया है. इच्छुक छात्रों को ठगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. ये रैकेट विदेश में शिक्षा प्राप्त कंप्यूटर इंजीनियर जावेद खान संचालित किया करता था. उसका सहयोगी शाहरुख अली लोगों को ठगने का काम किया करता था. उसने पीएचडी में एडमिशन दिलाने का झूठा वादा करके कम से कम 15 लोगों को ठगा था.
पुलिस उपायुक्त (मध्य) एम हर्षवर्धन के मुताबिक, यह मामला तब प्रकाश में आया जब मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाली एक शिकायतकर्ता ने एक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर संपर्क किया. उसने जावेद खान से बात किया, जिसने उसे एडमिशन फीस के रूप में 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर करने के लिए राजी किया. जब उसने बिना कोई औपचारिक रसीद दिए ज्यादा पैसे मांगे, तो उसे उस पर शक हो गया.
इसके बाद शिकायतकर्ता ने मध्य जिले के साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी. पुलिस की एक टीम ने बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और वेबसाइट पंजीकरण विवरणों का विश्लेषण किया. इस दौरान पुलिस टीम ने पाया कि ठगी की गई रकम जावेद खान और शाहरुख अली के नाम से पंजीकृत बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी.
आरोपियों ने ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन फेंक दिए थे, लेकिन तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और नोएडा में उनके ठिकानों का पता चला. जावेद खान को नोएडा के एक नशा मुक्ति केंद्र से पकड़ा गया. पुलिस ने बताया कि विदेश में शिक्षा प्राप्त कंप्यूटर साइंस इंजीनियर जावेद (30) पीएचडी में प्रवेश दिलाने वाली एक कंपनी में काम करता था.
जावेद खान ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अपनी खुद की वेबसाइट शुरू की, जिसमें पीएचडी में एडमिशन दिलाने की बात कही गई. उसने विभिन्न विश्वविद्यालयों के साथ गठजोड़ करने का प्रयास किया और सहारनपुर के एक विश्वविद्यालय से चैनल पार्टनर पत्र प्राप्त किया. हालांकि, जावेद के अपने कबूलनामे के अनुसार, विश्वविद्यालय एक पुरानी डिग्री घोटाले में उलझा हुआ है.
वो जुलाई 2021 से बंद पड़ा है. उसने अपने धोखाधड़ी को वास्तविक दिखाने के लिए कई पीड़ितों को फोटोशॉप किए गए विश्वविद्यालय के आईडी कार्ड और मानद डॉक्टरेट की डिग्री भेजी. शाहरुख (29) ने फर्जी दाखिले की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई और वित्तीय लाभ साझा किया. छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके घर से आपत्तिजनक चैट और यूनिवर्सिटी की फर्जी रसीदें बरामद की हैं.
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