आतंकी कसाब को जिंदा पकड़ने वाले पुलिसवालों को 14 साल बाद मिला प्रमोशन

आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को अब प्रमोशन दिया जाएगा. 14 साल बाद उन्हें ये प्रमोशन दिया जा रहा है. बताया गया है कि उन अधिकारियों को उनके पद से एक पद ऊपर के अधिकारियों के जितनी पगार दी जाएगी.

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आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने वाले पुलिसवालों को प्रमोशन आतंकी अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने वाले पुलिसवालों को प्रमोशन

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 30 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 12:13 PM IST
  • 2008 के मुंबई हमले में 160 लोगों की मौत
  • लश्कर-ए-तैयबा ने किया था आतंकी हमला

पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों को 14 साल बाद प्रमोशन मिलने जा रहा है. उन्हें इनाम के तौर पर मेडल और दूसरे सम्मान तो साल 2008 में ही मिल गए थे, लेकिन तब उनकी पदोन्नति नहीं हुई थी. अब इतने सालों बाद सरकार ने उस कमी को भी पूरा कर दिया है.

बताया गया है कि 22 मार्च को इन पुलिस अधिकारियों को 'one-step' प्रमोशन दिया गया है. ऐसे में इन पुलिसकर्मियों को दो से आठ लाख के बीच का मोनेटरी बेनिफिट मिल सकता है. बड़ी बात ये भी है कि ये पदोन्नति 2008 से ही प्रभावी मानी जाएगी. यहां वन स्टेप प्रमोशन का मतलब ये है कि उन अधिकारियों को उनके पद से एक पद ऊपर के अधिकारियों के जितनी पगार दी जाएगी.

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जानकारी के लिए बता दें कि 26/11 आतंकी हमले के बाद पुलिस ने अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में सफलता हासिल की थी. तब कुल 15 पुलिसकर्मियों ने एक ऑपरेशन कर उस आतंकी को जिंदा पकड़ा था. उस ऑपरेशन में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर Tukaram Ombale शहीद हुए थे. वहीं आठ अधिकारी अब रिटायर हो चुके हैं.

2008 के उस आतंकी हमले की बात करें तो इसे लश्कर-ए-तैयबा ने अंजाम दिया था. चार दिन के अंदर इन आतंकियों ने मायानगरी के कई इलाकों में हमले किए थे. दो पांच सितारा होटल, अस्पताल और यहां तक रेलवे स्टेशन पर भी हमले हुए थे. उस आतंकी घटना में कुल 160 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी. देश ने तब आतंकवाद निरोधक दस्ते के प्रमुख हेमंत करकरे को भी खो दिया था. 

लेकिन तब हमले के बाद पुलिस ने अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया था और बाद में देश की अदालत ने उसे फांसी की सजा सुनाई.

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट

 

 

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