गाजा में हमास को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए इजरायली सेना ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है. दो महीने से चल रही इस जंग में न तो इजरायल पीछे हटने को तैयार है, न ही हमास अपनी हार मान रहा है. इजरायली बममारी और गोलियों की बरसात के बीच नए-नए हथकड़ों के जरिए हमास के लड़ाके आईडीएफ के जवानों पर निशाना साध रहे हैं. इजरायली सेना को अपनी जाल मं फंसाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, इसमें बहुत ज्यादा सफलता मिलती हुई नहीं दिख रही है.
ताजा जानकारी के अनुसार, हमास के आतंकियों ने गुड़ियों के अंदर बम भरकर उसमें रोने की आवाज निकालने वाले स्पीकर लगा दिए. उनकी कोशिश थी कि इजरायली बंधकों की तलाश कर रहे आईडीएफ के जवान उसे बच्चों की रोने की आवाज समझेंगे. जैसे उसके पास आएंगे, बम के धमाके में मारे जाएंगे. इससे पहले की वो अपनी चाल में सफल हो पाते, इजरायल इंटेलिजेंस यूनिट ने इस साजिश का पता लगा के अपने जवानों को अलर्ट कर दिया. इसके बाद बम डिस्पोजल स्क्वायड ने उन्हें निष्क्रिय कर दिया.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि हमास ने गुड़ियों और बच्चों के बैकपैक्स को जानबूझकर एक सुरंग शाफ्ट के पास रखा था, जो एक बड़े टनल नेटवर्क से जुड़ रहा था. इजरायली सेना ने उस इलाके की गहन तलाशी ली और घात लगाकर किए गए हमले के साथ-साथ उस इलाके में हमास की खुफिया जानकारी और टैंक-रोधी ठिकानों का भी पर्दाफाश किया. गाजा सिटी के अल-मुतासिम बिल्लाह और अल-फराबी स्कूलों में छिपे हुए हमास के आतंकवादियों को भी इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने गिरफ्तार कर लिया.
टेडी बियर में स्नाइपर राइफल, स्कूल के नीचे टनल नेटवर्क
इससे पहले इजरायली सेना ने हमास की एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया था. आईडीएफ ने दावा किया था कि हमास के आतंकियों ने टेडी बियर के अंदर स्नाइपर राइफल और बम छिपाए हुए थे. इन टैडी बियर को लेकर आतंकी आम लोगों के बीच रह रहे थे, ताकि किसी को पता न चल सके. इसके अलावा गाजा के कई स्कूलों और मस्जिदों के नीचे टेरर टनल नेटवर्क भी मिला है. इसके जरिए आतंकी सुरक्षित आवाजाही करते करते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने आईडीएफ की नजर से बचाने के लिए स्कूल में हथियारों का गोदाम बना रखा हैं.
इजरायली सैनिकों ने अपने ही तीन नागरिकों को मार डाला
गाजा में हमास के सफाए में जुटे इजरायली सैनिकों ने बंधक बनाए गए अपने ही तीन नागरिकों को मार डाला. इजरायली सेना का कहना है कि हमास द्वारा बंधक बनाए गए 28 साल के योतम हैम, 22 साल के समीर तलाल्का और 26 साल के एलोन शमरिज़ को गलती से खतरे के रूप में पहचाने जाने के बाद मार दिया गया. इजरायली सेना ने इस घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए कहा है कि इन तीनों को गाजा के उत्तर में मौजूद शेजैया में सैनिकों ने गोली मार दी. इजरायली सेना ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.
इजरायली सेना प्रवक्ता डेनियल हागारी ने जताया अफसोस
इस घटना पर गहरा अफसोस जताते हुए इजरायली सेना के प्रवक्ता डेनियल हागारी ने कहा, ''शिजाइया में लड़ाई के दौरान आईडीएफ ने गलती से तीन इजरायली बंधकों को खतरे के रूप में पहचाना. इसके बाद उनकी ओर से की गई गोलीबारी तीनों मारे गए. जिस क्षेत्र में घटना घटी, वहां तलाशी और जांच के दौरान मृतकों की पहचान पर संदेह पैदा हुआ था. उनके शवों को जांच के लिए इजरायली क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जिसके बाद यह पुष्टि हुई कि वे तीन इजरायली बंधक थे. इस घटना पर हमें बहुत दुख है.''
7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर किया था हमला
अपने ही सेना के हाथों मारे गए इजरायली नागरिकों के परिजनों ने रोष मार्च निकाला. इसमें पोस्टर और बैनर के साथ हजारों लोग शामिल हुए. तेल अवीव की सड़कों पर उतरे लोगों ने रक्षा मंत्रालय के दफ्तर का का घेराव किया. इसके साथ ही आरोपी सैनिकों को सजा दिए जाने की मांग की है. बताते चलें कि 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर 1200 नागरिकों को मारा डाला था, जबकि 250 से ज्यादा इजरायली और विदेशी नागरिकों को बंधक बना लिया था. इसमें से करीब आधे बंधकों को हमास छोड़ा चुका है.
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हवाई हमलों में गाजा के कई शहर खंडहर में तब्दील
इजरायल की ओर से हो रहे ताबड़तोड़ हवाई हमलों ने गाजा के कई शहरों को खंडहर में तब्दील कर दिया है. ताजा हमले में करीब 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. हर बीतते दिन के साथ इजरायल गाजा पर अपना नियंत्रण बना रहा है. इसी कड़ी में इजरायल ने गाजा के कई बड़े शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं. सेंट्रल गाजा के एक शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमलों में करीब 33 लोगों की जान चली गई. इनमें 14 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल थे. रफाह शहर में हवाई हमलों में करीब 8 लोगों की मौत हो गई है.
इजरायल और हमास की जंग में 18000 की मौत
इजरायल और हमास के बीच पिछले दो महीने से जंग जारी है. इस लड़ाई में अब तक 18 हजार फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जबकि 47 हजार घायल हुए हैं. मरने वालों में 70 फीसदी से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं, जिस पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जाहिर की है. सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों को संबोधित करते हुए गुटेरेस ने कहा कि गाजा में सार्वजनिक व्यवस्था पूरी तरह तहस नहस हो गई हैं. मानवीय सहायता भी पूरी तरह ठप होने का ख़तरा पैदा हो गया है. गाजा में अब तक यूएन के 130 कर्माचरी मारे गए हैं.
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