इंसाफ की आस में सहेजा बेटी का शव, दोबारा होगा पोस्टमार्टम

यूपी के कन्नौज में अपनी बेटी के लिए इंसाफ की उम्मीद में उसके शव को करीब एक महीने से सहेज कर रखने वाले व्यक्ति की इस आशा को जीवंत रखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को शव के दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है. मृतक रितु की रहस्यमयी परिस्थितियों में एक इमारत से गिरकर मौत हो गई थी. उसके परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं.

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रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई थी मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई थी मौत

मुकेश कुमार / BHASHA

  • कन्नौज,
  • 24 मई 2016,
  • अपडेटेड 8:37 PM IST

यूपी के कन्नौज में अपनी बेटी के लिए इंसाफ की उम्मीद में उसके शव को करीब एक महीने से सहेज कर रखने वाले व्यक्ति की इस आशा को जीवंत रखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को शव के दोबारा पोस्टमार्टम की अनुमति दे दी है. मृतक रितु की रहस्यमयी परिस्थितियों में एक इमारत से गिरकर मौत हो गई थी. उसके परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं.

कन्नौज के जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि 19 अप्रैल को संदिग्ध हालात में एक इमारत से गिरने से ग्रेटर नोएडा के एक कालेज में बीटेक की छात्रा रितु की मौत हो गई थी. उसके पिता विशम्भर यादव ने उनसे मुलाकात करके अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों के बारे में जानकारी दी. उसके शव के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी.

उन्होंने बताया कि नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस बारे में बात की, जिन्होंने शव के दोबारा पोस्टमार्टम पर रजामंदी दे दी है. अब उपजिलाधिकारी और पुलिस उपाधीक्षक स्तर के एक-एक अधिकारी की देखरेख में नोएडा से आए तीन डॉक्टरों का पैनल रितु के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करेगा. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी.

बताते चलें कि शहनापुर गांव के निवासी विशम्भर यादव की बेटी रितु नोएडा के एक निजी कालेज में बीटेक के दूसरे सेमेस्टर की छात्रा थी. वह एक इमारत में किराए के कमरे में रह रही थी. 19 अप्रैल की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में इमारत की 17वीं मंजिल से नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई. परिजन ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था.

मृतिका के परिजन उसके शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने नोएडा में अफसरों के दरवाजे खटकाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. न्याय की आस में उन्होंने अब तक अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं किया है. शव पर रसायन लगाकर ताबूत में बंद करके समाधि बना दी है. गांव के लोग शव की रखवाली करते हैं.

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