इंसाफ की आस में एक महीने से नहीं किया बेटी का अं‍तिम संस्कार

यूपी के सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में आजकल एक कब्र को लेकर अजीबोगरीब हलचल है. यहां के सहनापुर गांव में एक कब्र के आसपास हर वक्त भीड़ लगी रहती है. गांव के लोग कब्र की रखवाली करते हैं. उन्हें डर है कि कहीं पुलिस-प्रशासन इस कब्र को खोदकर लाश का अंतिम संस्कार ना कर दे.

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एक कब्र को लेकर अजीबोगरीब हलचल एक कब्र को लेकर अजीबोगरीब हलचल

मुकेश कुमार / आमिर हक

  • लखनऊ,
  • 23 मई 2016,
  • अपडेटेड 7:06 PM IST

यूपी के सीएम अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में आजकल एक कब्र को लेकर अजीबोगरीब हलचल है. यहां के सहनापुर गांव में एक कब्र के आसपास हर वक्त भीड़ लगी रहती है. गांव के लोग कब्र की रखवाली करते हैं. उन्हें डर है कि कहीं पुलिस-प्रशासन इस कब्र को खोदकर लाश का अंतिम संस्कार ना कर दे. दरअसल, इस कब्र में रितु यादव का शव दफन है, जो बीटेक की छात्रा थी. उसने 20 अप्रैल को 17वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी. मौत से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी लिखा था.

रितु के परिजनों का आरोप है कि उसने सुसाइड नहीं किया था. उसकी हत्या की गई है. पुलिस के मुताबिक ग्रेटर नोएडा के NRI सिटी सोसायटी में रितु कुछ सहेलियों के साथ रहती थी. उस पर एक मॉल से क्रीम चुराने का आरोप लगा. सीसीटीवी में कैद फुटेज के आधार पर दुकानदार ने रितु और उसकी सहेलियों को पहचान लिया. इसके बाद में दुकानदार ने रितु की सहेलियों से कहा कि वो पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएगा. इसी बात को लेकर रितु का सहेलियों के साथ झगड़ा हुआ. वह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकी और जान दे दिया.

रितु के दादा हरीश चंद्र यादव का कहना है कि जब तक रितु की मौत के जिम्मेदार सभी लोगों को जेल नहीं भेजा जाता तब तक वो उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. मीडियाकर्मियों के कहने पर परिवार और गांव के लोगों ने कब्र से मिट्टी हटाई. मिट्टी के नीचे हरे बांस रखे हैं. बांस के ठीक नीचे काले रंग की पॉलीथीन से रितु के शव को ढककर रखा गया है. शव पर फूल रखे जाते हैं. इत्र छिड़का जाता है. डेड बॉडी को खराब होने से बचाने के लिए केमिलकर लगाकर रखा गया है. लोग शव की रखवाली करते रहते हैं.

ये सच में हैरान करने वाला मामला है. बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए शव का अंतिम संस्कार ना करने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. पुलिस-प्रशासन के अफसर इसे  नोएडा का मामला बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं. जबकि सवाल एक लड़की की मौत से जुड़े सच का है. लड़की के परिवार वालों का कहना है कि जब तक पुलिस रितु के मामले में हत्या का केस नहीं दर्ज करती, तब तक वो लोग उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. परिजन इंसाफ की आस में डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन मौन है.

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