सच-सच बताइए. हर रोज ऊपर वाले से दुआ मांगी है न, कि कितना ट्रैफिक है, काश रास्ता खली रहे. कितना पॉल्यूशन है. काश हवा साफ रहे. ये रोज-रोज ऑफिस क्यों जाना होता है. काश घर से ही कुछ काम करा लें. काश आज स्कूल में छुट्टी हो जाए. लो अब हो गई सभी दुआएं कबूल. पूरे 21 दिन घर पर बिताने हैं लॉकडाउन में. लेकिन घर बैठे-बैठे करें क्या? देखें वीडियो.