कोरोना वायरस महामारी के कारण देश समेत पूरी दुनिया इस संकट में है. भारत में लगातार कोरोना वायरस से जुड़े मामलों में तेजी आई है और इस जंग में सबसे आगे होकर लड़ रहे हैं स्वास्थ्य कर्मी. देश के कुछ इलाकों में लगातार आ रही बदसलूकी की घटनाओं की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने अब बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अब सरकारी हेडक्वार्टर में ही रुकने की व्यवस्था की है.
राज्य में अस्पताल के किसी भी कर्मी को अब जबतक वह ड्यूटी पर रहेगा, घर जाने की जरूरत नहीं है. राज्य में अब स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नया रोस्टर सिस्टम जारी किया गया है. जिसमें 1 हफ्ते लगातार ड्यूटी रहेगी और अगले एक हफ्ते छुट्टी रहेगी.
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राज्य सरकार की ओर से जो आदेश जारी किया गया है, उसके अनुसार राज्य में कई ऐसे स्वास्थ्यकर्मी हैं जो काफी दूर से रोजाना अस्पताल आते हैं और वापस घर जाते हैं, मुश्किल समय में ऐसा कर पाना संभव नहीं होता है.
ऐसे में अब जबतक स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे, तबतक वह अस्पताल के हेडक्वार्टर में ही रुकेंगे, यानी रोजाना घर नहीं जाएंगे. ये आदेश उन स्वास्थ्यकर्मियों पर लागू होगा, जो कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं.
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अगर किसी को जाना पड़ता है या फिर कोई बहुत जरूरी काम आता है, तो उसे CMO से इस बारे में इजाजत लेनी होगी.
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 20 अप्रैल की सुबह तक बंगाल में 310 कोरोना वायरस के कुल केस हैं जबकि 12 लोगों की जान जा चुकी है.
बता दें कि अबतक देश के कई इलाकों से ऐसी खबरें आई हैं, जहां पर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बदसलूकी हुई है. फिर चाहे वो टेस्ट करने गए हों या फिर ड्यूटी से अपने घर वापस लौट रहे हों. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़ी हस्तियों ने लोगों से स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान करने की अपील की है.
मनोज्ञा लोइवाल