सर्वोच्च अदालत अब इस बात पर विचार कर रही है कि डॉक्यूमेंट्स को ई-फाइलिंग के जरिए फाइल किया जा सके, ताकि क्लर्क को अदालत में आने की जरूरत ना पड़े. इसको लेकर ट्रायल चल रहा है.
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बता दें कि अब सभी हाईकोर्ट्स में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग काम कर रही है. अदालत इस दौरान ज़ूम वीडियो या किसी अन्य सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकती हैं. इस कारण अब नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में भी कनेक्टविटी बेहतर हुई है.
सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस बीच लाइव वेबकास्ट के प्रसारण की भी टेस्टिंग की जा रही है. शुरुआती दौर में वेबकास्ट सिर्फ उन्हीं के लिए प्रसारित होगा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के ऑफिस से वीडियो लिंक, पासवर्ड दिया जाएगा.
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लॉकडाउन के कारण पर्यावरण में काफी बदलाव महसूस किए गए हैं, जिसका जिक्र अदालत में भी हुआ. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि दिल्ली में आसमान अक्सर प्रदूषित रहता था, लेकिन अब दिल्ली में तारे भी दिख सकते हैं जो पहली बार ही है.
गौरतलब है कि देश में लॉकडाउन की स्थिति के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मामले को सुनना शुरू किया था. इसके बाद सभी हाईकोर्ट्स को भी ऐसा करने को कहा गया, अदालत की ओर से इसके बारे में गाइडलाइन्स भी जारी की गई.
अनीषा माथुर