बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज सोमवार को दिल्ली सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है. यहां पूरे देश से लोग अपने जरूरी कार्यों से आते रहते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति अचानक बीमार पड़ जाता है तो उसको यह कहकर कि वह दिल्ली का नहीं है इसलिए दिल्ली सरकार उसका इलाज नहीं होने देगी, यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण है. केंद्र को इसमें जरूर दखल देना चाहिए.
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इससे पहले रविवार को दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश जारी किया जिसके मुताबिक दिल्लीवासियों को इलाज के लिए अस्पताल में कुछ दस्तावेज दिखाने होंगे, जिसके बाद ही उनका इलाज किया जाएगा.
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दिल्ली में दिल्ली सरकार के अस्पताल और प्राइवेट अस्पताल अब केवल दिल्ली के निवासियों का ही इलाज कर सकेंगे. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही इसका ऐलान कर चुके हैं. अब इस संबंध में दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने इससे जुड़ा विस्तृत आदेश जारी कर दिया है.
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राजधानी में दिल्ली सरकार के अस्पतालों और प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के निवासियों का ही इलाज होगा. हालांकि इन अस्पतालों में बाहर के लोगों के लिए भी ट्रांसप्लांटेशन, ओनकोलॉजी, न्यूरोसर्जरी जैसे विशेष ट्रीटमेंट की सुविधा जारी रहेगी. इसके अलावा सड़क हादसे और एसिड अटैक आदि में घायल दिल्ली से बाहर के लोग भी इन अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे.
दिल्ली सरकार के अंतर्गत चलने वाले अस्पतालों में अगर दिल्लीवासी इलाज कराना चाहते हैं तो उन्हें कुछ दस्तावेज दिखाने पड़ेंगे. इलाज के लिए कुछ प्रमाण पत्र दिखाने होंगे जिनमें वोटर आईडी, बैंक/किसान/पोस्ट ऑफिस का करेंट पासबुक, राशन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या इनकम टैक्स रिटर्न के कागजात हो सकते हैं.
अनलॉक-1 में मायावती की सलाह
मायावती ने दिल्ली सरकार के फैसले की आलोचना के अलावा एक और ट्वीट किया जिसमें आज सोमवार से अनलॉक-1 के तहत बाजार-मॉल खुलने से संबंधित है.
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उन्होंने कहा कि अनलॉक-1 के तहत आज से जो भी स्थल और बाजार आदि खोले जा रहे हैं वहां जाने के लिए लोगों को सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए. यदि बहुत जरूरी है तब ही वहां जाना चाहिए, वरना जाने से बचना चाहिए. बीएसपी की उनके हित में यही सलाह है.
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