दरअसल एक न्यूरोलॉजिकल पेशेंट और उनकी बुजुर्ग पत्नी को दिल्ली पुलिस ने महज कुछ घंटे के अंदर 1 महीने की दवा मुहैया करा दी. वह भी ऐसे वक्त में जब उनकी दवा दिल्ली से लेकर उत्तराखंड तक कहीं नहीं मिल रही थी.
दिल्ली के मधु विहार इलाके में रहने वाले न्यूरोलॉजिकल पेशेंट की भांजी देहरादून में डॉक्टर है. उसने अपनी परेशानी बुधवार दिल्ली पुलिस और अरविंद केजरीवाल को टैग करके ट्वीट किया था कि उनके बुजुर्ग मामा की न्यूरो संबंधी दवा नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी परेशानी बहुत बढ़ जाएगी.
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ट्वीट में यह भी लिखा था कि यह दवाई देहरादून और दिल्ली में कहीं नहीं मिल रही है, जिसकी वजह से उनके मामा को बहुत ज्यादा दिक्कत हो रही है. लॉकडाउन की वजह से वह इस दवा को तलाशने के लिए बहुत ज्यादा इधर उधर नहीं जा सकती.
ट्वीट पर एक्शन में आई पुलिस
इस ट्वीट को ईस्ट दिल्ली के डीसीपी जसमीत सिंह ने फौरन अपने एसएचओ राजीव कुमार के पास फॉरवर्ड किया, जिसके बाद दवा को तलाशने की कवायद शुरू हो गई. एसएचओ ने दवा कंपनी के निर्माता से संपर्क किया. दक्षिणी दिल्ली स्थित मैन्युफैक्चरर्स से मिलकर 1 महीने की दवा का इंतजाम किया गया.
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इसके बाद पुलिसकर्मी वह दवा देने बुज़ुर्ग दम्पति के घर गए. इस कोशिश को वरिष्ठ अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस दिल से वाली मुहीम का दिल तक असर करने वाला उदाहरण बताया है.
अनुज मिश्रा