इस दिवाली लेना है सोना, ज्वैलर नहीं कर पाएगा गुमराह, केवल याद रखें ये 3 बातें

जब भी आप ज्वैलरी खरीदें तो बिल पर गौर जरूर करें. उसमें क्या-क्या चार्ज जोड़ा गया है. अक्सर ज्वेलर्स बिल में कई तरह के चार्ज जोड़ देते हैं और ग्राहक जानकारी के अभाव में कुछ नहीं कह पाते.

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सही ज्वैलरी खरीदने के टिप्स सही ज्वैलरी खरीदने के टिप्स

अमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 18 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 8:16 AM IST

धनतेरस (Dhanteras 2022) दिवाली (Diwali) और दहलीज पर हैं. आप साल भर से इस मौके का इंतजार कर रहे होंगे. क्योंकि दिवाली और धनतेरस पर ज्वैलरी (Jewellery) की बिक्री खूब होती है. कोरोना की वजह से पिछली दो दिवाली फीकी रही, लेकिन इस बार हालात बेहतर हैं. 

दअरसल दिवाली और धनतेरस पर, खासकर महिलाएं ज्वैलरी जरूर खरीदती हैं, वो इसे निवेश और लक्ष्मी के आगमन से जोड़कर देखती हैं. ऐसे में अगर आप इस बार ज्वैलरी खरीदने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें. जिससे आप सही कीमत में प्योर ज्वैलरी (Pure Jewellery) खरीद पाएंगे और ज्वेलर्स आपको कतई गुमराह नहीं कर पाएगा. 

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बता दें, डिजिटल के इस दौर में अब बड़े पैमाने पर लोग ऑनलाइन ज्वैलरी (Online Jewellery) भी खरीदते हैं, जिसमें ठगी के कम मामले सामने आते हैं. लेकिन लेकिन अगर ज्वैलरी शॉप में जाकर खरीदते हैं तो जरूर सतर्क रहें. 

ज्वेलर्स नहीं कर पाएंगे गुमराह 
दरअसल, जब आप ज्वेलर्स से ज्वैलरी खरीदते हैं तो देखें कि बिल (Bill) में क्या-क्या चार्ज जोड़ा गया है. अक्सर ज्वेलर्स ग्राहकों को गुमराह करने के लिए बिल में कई तरह के चार्ज जोड़ देते हैं और ग्राहक जानकारी के अभाव में कुछ नहीं कह पाते. ऐसे में आज हम आपको ज्वैलरी खरीदने के सही टिप्स बताते हैं, जिसकी मदद से आप ठगी के शिकार होने से बच सकते हैं और सही ज्वैलरी खरीद सकते हैं.

केंद्र सरकार के मुताबिक ज्वैलरी खरीदते समय ग्राहकों को केवल तीन चीजों का भुगतान करना होता है. पहला- ज्वैलरी की कीमत (वजन के हिसाब से), दूसरा- मेकिंग चार्ज (Making Charge) और तीसरा- जीएसटी (3 फीसदी) देना होता है. ज्वैलरी का भुगतान आप ऑनलाइन करें या ऑफलाइन, इस पर आपको केवल 3 फीसदी ही GST का भुगतान करना होता है.

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इसके अलावा ज्वेलर्स किसी भी तरह का चार्ज करता है तो फिर आप सवाल खड़े कर सकते हैं. क्योंकि कुछ ज्वेलर्स पॉलिस वेट या फिर लेबर चार्ज के नाम पर कुछ रुपये अलग से चार्ज करते हैं, जो नियम के खिलाफ है. आप बिल्कुल इसका भुगतान ना करें और ज्वेलर्स के खिलाफ शिकायत भी कर सकते हैं.

सही रेट ऐसे खरीद सकते हैं ज्वैलरी 
आपको पता होनी चाहिए कि ज्वैलरी 24 कैरेट सोने से नहीं बनती है. बाजार में उपलब्ध अधिकतर ज्वैलरी 22 कैरेट और 18 कैरेट की होती है. इसलिए खरीदते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि उस दिन सर्राफा बाजार में सोने का भाव क्या है? जिससे आप सही रेट पर ज्वैलरी खरीद पाएंगे. 

सबसे अहम बात यह है कि ज्वैलरी की मेकिंग चार्ज को लेकर मोल-भाव जरूर करें. अधिकतर ज्वेलर मोल-भाव के बाद मेकिंग चार्ज कम कर देते हैं. क्योंकि ज्वैलरी पर 30 फीसदी तक मेकिंग चार्ज लिया जाता है. ज्वेलर्स को सबसे ज्यादा फायदा मेकिंग चार्ज से ही होता है. 

हमेशा ऑरिजनल बिल (Original Price) लें. ताकि भविष्य में जब आप उस ज्वैलरी को कहीं भी बेचने जाएं तो उसकी प्योरिटी और वजन को लेकर कोई समस्या न हो. जहां तक शुद्धता की बात है तो केवल और केवल हॉलमार्क ज्वैलरी ही खरीदें. हॉलमार्क पर पांच अंक होते हैं. सभी कैरेट का हॉलमार्क अलग होता है. मसलन 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है. इससे शुद्धता को लेकर शक नहीं रहता.

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