बच्चे बहा रहे पानी की तरह पैसे? इस आइडिया से लगाएं फिजूलखर्ची पर लगाम

Child Saving Tips: हर माता-पिता की इच्छा होती है, उनके बच्चे बेहतर इंसान बनें. केवल अच्छी पढ़ाई-लिखाई से बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती है. इसके लिए बच्चों की सही परवरिश की जरूरत होती है. अगर आपके बच्चे भी खर्चीले हैं तो आसानी से उनकी आदत को बदल सकते हैं.

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बच्चों को फिजूलखर्ची से बचाने के तरीके बच्चों को फिजूलखर्ची से बचाने के तरीके

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST
  • छोटे बच्चों पर बचत के लिए न डालें दबाव
  • खेल-खेल में बता सकते हैं बचत के तरीके

फिजूलखर्ची (Extravagance) से बचना चाहिए, खासकर अगर बच्चों की ये आदत (Habit) है तो फिर पेरेंट्स परेशान हो जाते हैं. अगर आप बच्चे भी फिजूलखर्च करते हैं, तो आप आसानी से कुछ टिप्स (Tips) को फॉलो कर उन्हें रोक सकते हैं. 

दरअसल, हर माता-पिता की इच्छा होती है, उनके बच्चे बेहतर इंसान बनें. केवल अच्छी पढ़ाई-लिखाई से बेहतर भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती है. इसके लिए बच्चों की सही परवरिश की जरूरत होती है. अगर आपके बच्चे भी खर्चीले हैं तो आसानी से उनकी आदत को बदल सकते हैं, साथ उन्हें बचत के लिए प्रेरित कर सकते हैं. 

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अगर आपका बच्चा 10 साल से कम उम्र की है, तो फिर उनपर बचत (Saving) को लेकर दबाव नहीं डालें. लेकिन अगर बच्चा 10 साल से बड़ा है तो फिर उसे धीरे-धीरे बचत के बारे जागरूक कर सकते हैं, जब वो सेविंग के बारे में गहराई से जानेंगे तभी वो फिजूलखर्च से बचेंगे.

पहली टिप्स

आप बच्चों को सरल शब्दों में निवेश के बारे में बता सकते हैं. उन्हें बताइए कि आपको रोजाना जो पॉकेटमनी के तौर पर पैसे मिलते हैं, वह महीनेभर में कुल कितने रुपये हो जाते हैं. ताकि उन्हें लगे कि वे हर महीने कितने रुपये खर्च कर रहे हैं. 

दूसरी टिप्स

आप अपने बच्चों को महीनेभर की पॉकेटमनी एक ही बार में सौंप दें, फिर उनसे पूछें कि आप इनमें कितने रुपये बचा सकते हैं. बचत के चक्कर में वो हर दिन छोटी रकम खर्च करने लगेंगे. इस कदम से निवेश के प्रति बच्चे का झुकाव बढ़ता जाएगा. 

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तीसरी टिप्स

बच्चे को सीधे ये मत कहें कि तुम ये मत खरीदो, यहां घूमने मत जाओ, बाहर की चीजों को मत खाओ. ऐसे कहने से शायद वो दबाव में आ जाएं और उनपर बुरा असर पड़ सकता है. आजकल तमाम ऐसे वीडियोज हैं, जिसमें बच्चों को खेल-खेल में बचत से जुड़ी जानकारियां दी जाती हैं.  

चौथा टिप्स

एक और आसान तरीका है, जिस हर माता-पिता को अपने बच्चों पर आजमना चाहिए, जब उन्हें लगे कि बच्चा बहुत ज्यादा फिजूलखर्च कर रहा है. ऐसे में माता-पिता को बच्चों से ऐसी चीजें खरीदने के बारे में बात करनी चाहिए, जिसमें बच्चों का ज्यादा लगाव रहता है. 

उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि आपके पास कार नहीं है, अगले दो-तीन वर्षों में आप खरीदने की सोच रहे हैं तो उन्हें बताएं आप कार खरीदना (Car Buying) चाहते हैं, और इसके लिए सभी को मिलकर बचत करनी चाहिए. आपका ये कदम बच्चे को बचत के लिए उत्साहित करेगा और वे फिजूलखर्च के बजाय कार खरीदने के लिए पैसे जमा करने लगेंगे. 

 

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