आत्मनिर्भर भारत योजना (Atmanirbhar Bharat Rojgar Yojana) के तहत देश के लोगों को रोजगार (Jobs) के निए अवसर प्रदान करने के लिए सरकार की ओर से करोड़ों की राशि दी गई है. सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 58.76 लाख लोगों के खाते में 4,920.67 करोड़ रुपये की राशि डाली गई है. ये आंकड़ा 30 अप्रैल 2022 तक का है. इस स्कीम को सरकार ने 2020 में कोविड के दौरान शुरू किया था. इस योजना का मकसद कोरोना महामारी के चलते अपना रोजगार गंवा चुके लोगों को नए रोजगार के मौके देना है.
करीब 59 लाख लोगों को मिला लाभ
EPFO द्वारा किए गए एक ट्वीट में इस बात की जानकारी दी गई है कि 30 अप्रैल 2022 तक इस योजना के तहत 58.76 लाख लोगों को फायदा मिला है. सरकार ने 4,920.67 करोड़ रुपये लाभार्थियों के खाते में डाले हैं. इनमें 1,47,335 प्रतिष्ठान शामिल हैं. इस योजना के तहत, सरकार 15,000 रुपये प्रति माह से कम वेतन वाले नए कर्मचारियों के लिए ईपीएफ (EPF) के हिस्से का भुगतान करती है.
सरकार जमा करती है पैसा
संस्थाओं में कर्मचारियों को रखने की क्षमता 1000 से कम हैं, उसमें काम करने वाले कर्माचारियों के वेतन के अनुसार 12 फीसदी और संस्था के हिस्से का भी 12 फीसदी राशि सरकार भविष्य निधि (EPFO) के अंतर्गत जमा कराती हैं. यानी कुल 24 फीसदी का लाभ मिलता है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए संस्थाओं को EPFO के अंतर्गत रजिस्टर्ड होना जरूरी है. एक हजार से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को 12 फीसदी सब्सिडी दी जाती है.
इसका लाभ उठाने के लिए 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम से कम दो नए लोगों को नौकरी देने की शर्त है. इसी तरह 50 से अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को इस स्कीम का लाभ लेने के लिए कम से कम पांच नए लोगों को नौकरी देनी जरूरी है.
किसे मिलता है फायदा
देश में बेरोजगारी को कम करने के लिए सरकार ने ये कदम उठाए थे. इस स्कीम का फायदा उन्हें ही मिलेगा, जिन्होंने एक अक्टूबर, 2020 से 30 जून 2020 के बीच नए कामगार रखे हों. वहीं, जिन लोगों की नौकरी एक मार्च 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच छूट गई है, उन्हें भी इस स्कीम का लाभ मिलता है.
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