GST रिटर्न फाइलिंग: अनजाने में हुई गलती पर उदारता बरतेगी सरकार

रेवेन्यू सेक्रेट्री ने कहा कि हम किसी को परेशान करना नहीं चाहते है. हम केवल नई टैक्स सिस्टम प्रणाली को लागू करना चाहते है. उन्होंने बताया कि, अगर शुरुआती दिनों में अगर किसी से रिर्टन फाइल करने अनजाने में कोई गलती हो जाती है, तो सरकार इसमें उदारता बरतेगी.

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रेवेन्यू सेक्रेट्री हसमुख आधिया रेवेन्यू सेक्रेट्री हसमुख आधिया

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 23 जून 2017,
  • अपडेटेड 10:00 AM IST

देश भर में 1 जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू होने जा रहा है. जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के सभी राज्यों में जीएसटी अधिनियम पारित कर दिया गया है. इसी बीच रेवेन्यू सेक्रेट्री हसमुख आधिया ने बताया कि सरकार इश बात का पूरा ध्यान रखेगी कि किससे रिर्टन फाइल करते समय अनजाने में गलती हुई है और किसने टैक्स चोरी के लिए ऐया किया है.

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रिर्टन फाइल करने में अनजाने में हुई गलती पर उदारता बरतेगी सरकार
रेवेन्यू सेक्रेट्री ने कहा कि हम किसी को परेशान करना नहीं चाहते है. हम केवल नई टैक्स सिस्टम प्रणाली को लागू करना चाहते है. उन्होंने बताया कि, अगर शुरुआती दिनों में अगर किसी से रिर्टन फाइल करने अनजाने में कोई गलती हो जाती है, तो सरकार इसमें उदारता बरतेगी. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ये छूट सिर्फ शुरुआती 6 महिने तक दी जा सकी सकती है, अभी इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता. बता दें कि सरकार एन्फोर्सिंग पीनल लॉ फॉर वायलेशन को लेकर उदरता बरतेगी. उनका कहना है कि रिर्टन फाइलिंग के दौरान गलती किसी से भी हो सकती ये आम बात है. इसलिए हम इसमें कुछ राहत जरूर देंगे.

सिर्फ महिनें में एक बार करें रिर्टन फाइल
करदाताओं को हर महीने तीन बार रिटर्न फाइल करना होगा, यह धारणा बेबुनियाद है. उन्होंने कहा कि ज्यादातर टैक्सपेयर्स को सिर्फ महिनें में एक बार ही रिटर्न फाइल करना होगा. साथ ही रिटेल कारोबारियों को हर महीने रसीद विवरण देने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा, कि करीब 80 फीसदी कारोबारियों को रिटर्न में बस कुल कारोबार का ब्योरा देना होगा क्योंकि वे रिटेल कारोबारी हैं. उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइलिंग बड़ा आसान है लोगों को फाइलिंग प्रक्रिया को लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं है. यह बहुत पारदर्शी है और मशीन से होती है.

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बता दें कि वित्त मंत्रालय ने यह भी साफ कर दिया है, कि जीएसटी के लागू होने के बाद अगर कोई कंपनी या फर्म अपने ग्राहकों को टैक्स छूट का फायदा नहीं तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.

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