अगले पांच साल में 105 लाख करोड़ के इन्फ्रा प्रोजेक्ट पूरा करेगी सरकार

साल 2019 के अंतिम दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि अगले पांच साल में देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 105 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे. इस बारे में बनी टास्कफोर्स की रिपोर्ट भी जारी की गई.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो: PIB) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो: PIB)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 31 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

  • 5 साल में पूरे होंगे 105 लाख करोड़ के प्रोजेक्टः निर्मला
  • 4 महीने में 70 बैठकों के बाद टास्कफोर्स की रिपोर्ट जारी
  •  102 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के होंगे
  • 3 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट राज्य सरकारों के होंगे 

साल 2019 के अंतिम दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि अगले पांच साल में देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 105 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे. इस बारे में बने टास्क फोर्स की रिपोर्ट भी मंगलवार को जारी की गई.

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पीएम मोदी का सपना

गौरतलब है कि देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती को देखते हुए इस बात की दरकार थी कि सरकारी खर्च बढ़ाया जाए. अब वित्त मंत्री के इस ऐलान से इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के कारोबार में तेजी आएगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में सबसे पहले यह बात कही थी कि अगले 5 साल में देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

इन सेक्टर में आएंगे प्रोजेक्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इनमें से ज्यादातर प्रोजेक्ट पावर, हेल्थ, रेलवे, शहरी, सिंचाई, डिजिटल आदि सेक्टर से जुड़े होंगे. उन्होंने आगे कहा कि टास्क फोर्स ने पिछले चार महीने में 70 स्टेकहोल्डर की राय लेने के लिए कुल 70 बैठकें की हैं. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि देश में पहली बार एक नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) कोऑर्डि‍नेशन मेकैनिज्म की शुरुआत की जाएगी.

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ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट का आयोजन

उन्होंने कहा कि हर साल एक ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट आयोजित किया जाएगा, ऐसा पहला मीट 2020 की दूसरी छमाही में होगा. उन्होंने बताया कि 102 लाख करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट केंद्र का होगा और 3 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट राज्यों के होंगे. जिन स्टेकहोल्डर से बात की गई उनमें मंत्रालय, राज्य सरकार, इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी, डेवलपर, बैंक आदि शामिल थे. 

उन्होंने बताया कि इसमें 39 फीसदी केंद्र का, 39 फीसदी हिस्सा राज्यों का और 22 फीसदी हिस्सा निजी क्षेत्र का होगा. निजी क्षेत्र का हिस्सा 2025 तक बढ़ाकर 30 फीसदी तक करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने बताया कि इनमें से 43 फीसदी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है.

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