भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने एसीसी और बिनानी समेत 11 सीमेंट कंपनियों पर आपस में सांठगांठ को लेकर 6,700 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है. सीमेंट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन (सीएमए) को दंडित करने के अलावा सीसीआई ने सभी यूनिटों पर भविष्य में बाजार में सीमेंट की कीमतों, उत्पादन और आपूर्ति को लेकर समझौता या व्यवस्था से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाई है.
एक विज्ञप्ति में सीसीआई ने कहा कि 11 सीमेंट कंपनियों और सीएमए पर 6,715 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. प्रतिस्पर्धा अपीलीय न्यायाधिकरण के निर्देश के बाद आयोग ने ताजा आदेश जारी किया है. न्यायाधिकरण ने सीमेंट कंपनियों से जुड़े मामले पर आदेश देने को लेकर प्रकरण को सीसीआई के पास वापस भेज दिया था. इससे पहले न्यायाधिकरण ने 10 सीमेंट कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने को खारिज कर दिया था.
किस कंपनी पर लगा कितना जुर्माना?
एसीसी सीमेंट पर 1,147.59 करोड़ रुपये, जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड पर 1,323.60 करोड़ रपये और अल्ट्राटेक पर 1,175.49 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. विज्ञप्ति के मुताबिक, इसके अलावा सेंचुरी पर 274.02 करोड़, इंडिया सीमेंट्स पर 187.48 करोड़, जेके सीमेंट्स पर 128.54 करोड़, लाफार्ज पर 490.01 करोड़, रामको पर 258.63 करोड़, एसीएल पर 1,163.91 करोड़ और बिनानी पर 167.32 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
सीएमए पर भी लगा जुर्माना
सीएमए पर भी 73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. कंपनियों को दंडित करते हुए सीसीआई ने कहा कि कंपनियों और सीएमए की गतिविधियां न सिर्फ ग्राहकों के हितों के बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक थी, क्योंकि सीमेंट निर्माण और बुनियादी ढांचा उद्योग में एक महत्वपूर्ण कच्चा माल है और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है.
अंजलि कर्मकार