Union Budget: मिडिल क्‍लास को तोहफा, गांव, गरीब और किसान पर फोकस

Union Budget 2020: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण दिया है. बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण के गले में कुछ दिक्कत हुई जिसके बाद उन्होंने अपना बाकी भाषण सदन के पटल पर रख दिया.

2020 Union Budget: निर्मला सीतारमण ने दूसरी बार आम बजट पेश किया 2020 Union Budget: निर्मला सीतारमण ने दूसरी बार आम बजट पेश किया
aajtak.in
  • नई दिल्‍ली,
  • 01 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना दूसरा आम बजट सदन में पेश किया है. यह नए दशक का पहला आम बजट है. वहीं मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में दूसरी बार बजट पेश हो रहा है. इस बजट में हर वर्ग के लिए कई अहम ऐलान किए गए हैं. निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये बजट गांव, गरीब और किसान पर फोकस, यहां पढ़ें- बड़ी बातें..

अब तक का सबसे बड़ा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अब तक का सबसे बड़ा भाषण दिया है. ढाई घंटा लंबा भाषण देने के बाद उनके गले में कुछ दिक्कत हुई जिसके बाद केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य मंत्रियों ने अपील करते हुए कहा कि वो अपना बजट सदन के पटल रख दें.

टैक्‍स के मोर्चे पर बड़ी राहत

बजट में मिडिल क्‍लास को बड़ा तोहफा मिला है. सरकार ने स्‍लैब में बदलाव करते हुए 5 लाख तक की कमाई को 5 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब में रखा है. वहीं 5 से 7.50 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर 10 फीसदी का नया टैक्‍स लगेगा. इसी तरह 7.50 लाख से 10 लाख तक पर 15 फीसदी और 10 से 12.5 लाख पर 20 फीसदी का टैक्‍स लगेगा जबकि 15 लाख से अधिक की कमाई पर 25 फीसदी स्‍लैब होगा. हालांकि, ये नया स्‍लैब वैकल्पिक होगा.

स्‍लैब       सालाना कमाई

5%-   2.5 – 5 लाख

10% -     5-7.5 लाख

15% -    7.5 – 10 लाख

20% -   10 – 12.5 लाख

25% - 12.5 – 15 लाख

30% -   15 लाख से अधिक

यहां बता दें कि वर्तमान टैक्‍स स्‍लैब के मुताबिक 2.5-5 लाख रुपये की सालाना कमाई पर  5 फीसदी टैक्स देना होता है. इसी तरह 5-10 लाख रुपये पर 20 फीसदी जबकि 10 लाख और उससे अधिक की कमाई पर 30 फीसदी टैक्स का प्रावधान है.

- कानून के तहत टैक्‍स चार्टर लाया जाएगा. टैक्‍सपेयर को उत्‍पीड़न से बचाया जाएगा. टैक्‍स को लेकर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा.

- व्‍यापारियों के लिए टैक्‍स को लेकर न्‍याय हुआ है.

- कंपनी एक्‍टर में होगा बदलाव.

बैंकिंग सेक्‍टर के लिए

- सरकारी बैंकों के लिए 3 लाख 50 हजार करोड़ का प्रावधान

- सरकारी बैंकों का इंश्‍योरेंस 1 लाख से बढ़कर 5 लाख हुआ

- आईडीबीआई बैंक में सरकार अपनी हिस्‍सेदारी बेचेगी

- - IPO के जरिए LIC में हिस्सा बेचेगी सरकार

- कॉर्पोरेट बॉन्ड में विदेशी निवेश सीमा 9 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी की गई

- बैंकिंग सिस्टम को बेहतर बनाने पर जोर

डिफेंस सेक्‍टर

- देश की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

-

पर्यटन क्षेत्र

-5 पुरातत्‍व जगहों को पर्यटन स्‍थल बनाया जाएगा.

- पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 2500 करोड़

- 4 म्‍यूजियम का नवीनीकरण होगा, शोध के लिए नए म्‍यूजियम बनाए जाएंगे.

-झारखंड की राजधानी रांची में आदिवासी म्‍यूजियम का निर्माण

- लोथल में पोत संग्रहालाय का निर्माण होगा.

सोशल सेक्‍टर

- आंगनवाड़ी के तहत 10 करोड़ लोगों को फायदा.6 लाख से ज्यादा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन दिए.

- दलित, पिछड़ों के लिए 53 हजार 700 करोड़ का आवंटन.

- सीनियर सिटीजन और दिव्‍यांगों के लिए 9500 करोड़ का आवंटन.

महिला वर्ग

- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स मिला है.

- स्‍कूलों में लड़कियों का दाखिला, लड़कों से ज्‍यादा

- 35 हजार करोड़ पोषाहार योजना के लिए.

- प्राइमरी शिक्षा में लड़कियों की हिस्सेदारी 94.32 फीसदी है, जबकि लड़के 89 फीसदी है, वहीं माध्यमिक शिक्षा की बात करें तो यहां भी लड़कियों का अनुपात बढ़ा है. लड़कियां 81.2 फीसदी है, लड़कों का भारीदारी 78 फीसदी है.

- हायर एजुकेशन में भी लड़कियों की हिस्सेदारी में इजाफा हुआ है. यहां लड़कियों की हिस्सेदारी 59 फीसदी है, जबकि लड़कों की हिस्सेदारी 57.54 फीसदी है.

गैस/ एनर्जी 

-नेशनल गैस ग्रिड की शुरुआत होगी.

-पावर-एनर्जी के लिए 22 हजार करोड़ रुपये का ऐलान

- अधिक प्रदूषण वाले थर्मल प्‍लांट बंद होंगे.

आईटी/ टेक

- देशभर में डाटा सेंटर पार्क बनेंगे.

-BharatNet से 1 लाख ग्राम पंचायत जुड़ेंगे

- BharatNet के लिए 6000 करोड़ रुपये आवंटित

-मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक को भारत में बनाने पर जोर देंगे.

रेलवे

- रेलवे की खाली जमीन पर सोलर एनर्जी सेंटर. रेलवे लाइन के बगल में सोलर पैनल लगेंगे.

-550 रेलवे स्‍टेशन पर वाईफाई की होगी शुरुआत

- पीपीपी मॉडल के तहत 150 नई ट्रेने आएंगी. तेजस जैसी और ट्रेन चलाए जाएंगे.

- नई ट्रेनों को पर्यटन स्‍थल से जोड़ा जाएगा.

- मानव रहित क्रॉसिंग खत्‍म हो गए हैं.

- मुंबई-अहमदाबाद के बीच स्‍पीड ट्रेन की शुरुआत

इंडस्‍ट्री और कॉमर्स..

- इंडस्‍ट्री, कॉमर्स के विस्‍तार के लिए 27 हजार 300 करोड़.

-भारत को मोबाइल हब बनाया जाएगा.

-100 लाख करोड़ का नेशनल इंफ्रा फंड

-नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी की होगी शुरुआत

- 2000 किलोमीटर तटीय इलाके में सड़क

एजुकेशन सेक्‍टर

- जल्द ही नई शिक्षा नीति लाई जाएगी. शिक्षा व्यवस्था में और फंड देने की जरूरत है.

- उच्च शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी.

- जिला अस्‍पतालों से जोड़े जाएंगे मेडिकल यूनिवर्सिटीज.

- पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाएंगे

- स्‍टडी इन इंडिया को प्रमोट किया जाएगा.

- देश में शिक्षकों और नर्सों की जरूरत

- एजुकेशन सेक्‍टर के लिए 99 हजार 300 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव.

- स्किल डेवलपमेंट के लिए 3000 करोड़ का प्रावधान

- एजुकेशन सेक्‍टर में FDI लाया जाएगा.

- सरस्‍वती सिंधु यूनिवर्सिटी का ऐलान.

स्‍वच्‍छ और स्‍वस्‍थ भारत के लिए क्‍या है खास?

-PPP मॉडल पर नए अस्पताल बनाए जाएंगे. टीवी हारेगा, देश जीतेगा, कैंपेन को सफल बनाया जाएगा.

- प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव है.

- पीएम जनआरोग्य योजना के तहत 20 हजार से ज्यादा अस्पताल पैनल में हैं.

- इस योजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्‍तेमाल होगा.

- स्वच्छ भारत के लिए 12300 करोड़ रुपये आवंटित.

- जहां आबादी 10 लाख से ज्यादा है, वहां साफ हवा एक बड़ी चुनौती है. इस पर 4400 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

किसान और ग्रामीण भारत के लिए क्‍या है खास...

- फसलों को लाने और ले जाने के लिए किसान रेल चलाई जाएगी.

- पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सहायता सुनिश्चित की गई है. कृषि बाजार को उदार करने और खोलने की जरूरत है.

- मनरेगा के जरिये को खेती को बढ़ावा देने पर फोकस पर है. मछली पालन को 2 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है. युवाओं को मछली पालन से क्षेत्र से जोड़ने का लक्ष्य है.

- मछली पालने को वालों मछली कृषक कहा जाएगा. 3077 सागर मित्र बनाए जाएंगे. तटवर्ती इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा.

- किसान क्रेडिट के लिए 15 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य

- 2025 तक दुग्‍ध उत्‍पादन दोगुना करने का लक्ष्‍य

- किसानों के लिए कृषि उड़ान योजना की होगी शुरुआत

- एक प्रोडक्‍ट, एक जिले पर फोकस

- ये बजट गांव, गरीब और किसान के लिए है.

- पशुपालन, मछली पालन को बढ़ाने देने पर जोर है. इसके लिए राज्य सरकारों को मदद की जाएगी. केंद्र और राज्य मिलकर इस संभव बना सकते हैं.

- पानी की किल्लत देश में बड़ी समस्या है. देश में 100 जिलों ऐसे हैं जहां पानी की किल्लत है. किसानों के पंप सेट को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा सकता है.

- - 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर कायम. फसल बीमा योजना में 6 करोड़ 11 लाख किसानों को जोड़ा गया है. तकनीक खेती पर जोर दिया जा रहा है. 

- बंजर जमीन पर होगा सोलर एनर्जी का उत्‍पादन.

- पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंंप मुहैया कराया जाएगा.

- पंचायत स्‍तर पर नए वेयरहाउस बनाए जाएंगे. इसके साथ ही रसायनिक खादों के विकल्‍प तलाशे जाएंगे.

- 100 सूखाग्रस्‍त जिलों पर खास फोकस होगा.

-27 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है.

अर्थव्‍यवस्‍था का क्‍या रहा हाल?

-5 साल में औसत महंगाई दर 4.5 फीसदी रही, औसत जीडीपी ग्रोथ 7.4 फीसदी रही

- 5 साल में एफडीआई निवेश 28400 करोड़ डॉलर आया. सरकार का कर्ज भी घटा है.

- पिछले 4 साल में 60 लाख नए करदाताओं को जोड़ा

- इस साल का बजट 3 थीम को ध्‍यान में रख कर बनाया गया

-अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश जारी. अर्थव्‍यवस्‍था की स्थिति काफी मजबूत है.

- जीएसटी लाना एक ऐतिहासिक फैसला है, 60 लाख नए करदाता जोड़े गए. इससे ग्राहकों को हर साल 1 लाख करोड़ का फायदा हुआ.

-आयुष्मान भारत के जरिये स्वस्थ्य भारत की कल्पना की गई.

-पिछले कुछ सालों में बैंकों की स्थिति बेहतर हुई है

- हमारा फोकस रोजगार पर है. हमारे लोगों के पास रोजगार होना चाहिए. यह बजट उनकी आय सुनिश्चित करने और उनकी क्रय शक्ति को बढ़ाने के लिए है. 

-सरकार महंगाई को काबू करने में कामयाब रही है.

- बजट भाषण शुरू करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा- देश की जनता ने विकास के लिए मतदान किया.

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