रियल एस्टेट में निवेश करके क्यों 90 फीसदी खरीदार खो देते हैं पैसा?

देश के बड़े शहरों में रियल एस्टेट एजेंट लोगों को सुहावने सपने दिखाकर प्रॉपर्टी बेचते हैं, लोग भी लुभावने वादों में फंसकर इन्वेस्टमेंट कर बैठते हैं, लेकिन जब तक उनको पता चलता है कि उनके साथ बड़ा फ्रॉड हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है.

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रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2025,
  • अपडेटेड 11:26 AM IST

आमतौर पर लोग प्रॉपर्टी में निवेश सबसे सुरक्षित मानते हैं, लेकिन पिछले कुछ साल में रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) ने लोगों को काफी निराश किया है. गुरुग्राम की रियल एस्टेट सलाहकार ऐश्वर्या कपूर का मानना है कि हमारे देश में रियल एस्टेट सेक्टर 90 फीसदी लोगों को कंगाल कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ धनवान वर्ग के लोग अपनी प्रॉपर्टी तेजी से बना रहे हैं. 

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सोशल मीडिया पर अपनी एक पोस्ट में ऐश्वर्या कपूर लिखती हैं, 'ज्यादातर घर खरीदार प्रॉपर्टी में निवेश नहीं कर रहे बल्कि अपने लिए देनदारियां खरीद रहे हैं. खराब प्रोजेक्ट, इमोशनल फैसले और गलत रणनीति की वजह से आम भारतीय नागरिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.'
 
डिस्काउंट के चक्कर में फंस जाते हैं लोग

देश के बड़े शहरों में रियल एस्टेट एजेंट लोगों को सुहावने सपने दिखाकर प्रॉपर्टी बेचते हैं, लोग भी लुभावने वादों में फंसकर इन्वेस्टमेंट कर बैठते हैं, लेकिन जब तक उनको पता चलता है कि उनके साथ बड़ा फ्रॉड हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है. दिल्ली एनसीआर का ही उदाहरण देखा जाए, तो सैकड़ों ऐसे बिल्डर हैं, जहां निवेश करके लोग फंस चुके हैं. इन बिल्डर्स में कई नामी भी शामिल हैं. 

आमतौर पर लोग बड़े बिल्डर के नाम पर भी प्रॉपर्टी बुक कर लेते हैं, लेकिन वहां भी उन्हें धोखा मिलता है. ऐश्वर्या कपूर आगे लिखती है, 'आपने एक दिन में 7 प्रोजेक्ट देखे और सिर्फ वर्ग फुट की कीमत जानी और सबसे ज्यादा डिस्काउंट देने वाले ब्रोकर को चुना, ये निवेश नहीं जुआ है. बहुत सारे लोग बिना किसी जांच के भावनाओं मे आकर प्रॉपर्टी खरीद लेते हैं, लोगों को ध्यान प्रोजेक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने की जगह डिस्काउंट और लग्जरी सुविधाओं में रहता है.'

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यह भी पढ़ें: अनजान शहर में प्रॉपर्टी खरीदने का जानिए स्मार्ट तरीका, रियल एस्टेट एजेंट से लेकर डील तक

वहीं, टॉप एक फीसदी के निवेशक संस्थानों की तरह काम करते हैं, वो प्री लॉन्च के दौरान प्रॉपर्टी लेते हैं, मोल भाव करते हैं और तीन से पांच साल के अंदर बाहर निकले का प्लान बनाते हैं, ये लोग अच्छा रिटर्न भी पाते हैं..  

खरीदारों के लिए क्या सलाह?

कस्टमर की तरह सोचना बंद करें और कैपिटल की तरह सोचना शुरू करें. ये जानने की कोशिश करें कि क्या सस्ता है और किसकी रीसेल वैल्यू तीन गुना हो सकती है.  आपकी पहली प्रॉपर्टी से आपको अच्छा रिटर्न मिलना चाहिए.
 

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