दिल्ली-NCR में घर खरीदना बजट से बाहर, बेंगलुरु में बिना बिके घरों का लगा अंबार

रियल एस्टेट मार्केट के लिए साल 2025 का अंत मिला-जुला रहा, जहां दिल्ली-NCR में घर खरीदारों को 23% बढ़ी हुई कीमतों का झटका लगा है. वहीं दूसरी ओर, मांग में सुस्ती के कारण बेंगलुरु जैसे शहरों में नहीं बिके घर.

Advertisement
2025 में क्यों नहीं बिके लाखों घर? (Photo-ITG) 2025 में क्यों नहीं बिके लाखों घर? (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:28 AM IST

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए साल 2025 का अंत मिला-जुला रहा, एक ओर जहां नए प्रोजेक्ट्स की बाढ़ आ गई, वहीं खरीदारों की मांग में आई नरमी ने 'अनसोल्ड इन्वेंट्री' बिना बिके घरों के आंकड़ों को ऊपर पहुंचा दिया है. अनरॉक (Anarock) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के सात प्रमुख शहरों में बिना बिके घरों की संख्या में 4% का इजाफा हुआ है, जिससे अब बाजार में करीब 5.77 लाख यूनिट्स खरीदारों का इंतजार कर रही हैं.

Advertisement

रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के रियल एस्टेट बाजार में सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है. यहां बिना बिके घरों के स्टॉक में 23% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह दर्शाता है कि नए प्रोजेक्ट्स की तुलना में खरीदारों की दिलचस्पी यहां कुछ कम हुई है. वहीं हैदराबाद और मुंबई (MMR) में सकारात्मक संकेत दिख रहे हैं.

यह भी पढ़ें: 2026 में घर खरीदना कितना अलग होगा? रियल एस्टेट के ये 'गेम-चेंजर' बदलाव जान लीजिए

हैदराबाद में  बिना बिके घरों में 2% की गिरावट आई है. इसका मुख्य कारण नए प्रोजेक्ट्स की सप्लाई पर लगाम लगना है. साल 2024 के अंत में यहां 97,765 यूनिट्स थीं, जो 2025 के अंत तक घटकर 96,140 रह गईं. मुंबई (MMR) देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजार मुंबई में भी स्टॉक में 1% की मामूली कमी देखी गई है.

Advertisement

दिल्ली-NCR में घर प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा

Anarock की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) भारत के टॉप 7 शहरों में आवासीय कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा है. यहां घरों की औसत कीमतों में 23% का रिकॉर्ड उछाल आया, जो साल 2024 के ₹7,550 प्रति वर्ग फुट से बढ़कर 2025 के अंत तक ₹9,300 प्रति वर्ग फुट पहुंच गया. हालांकि, देश के अन्य प्रमुख शहरों में कीमतों की यह बढ़त पिछले साल (2024) की 13-27% की तुलना में इस बार महज 4% से 9% के बीच ही सिमटकर रह गई.

कुल मिलाकर, टॉप 7 शहरों में औसत कीमतों में 8% की वृद्धि देखी गई है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों, आईटी सेक्टर में छंटनी, भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अन्य अनिश्चितताओं ने मिलकर 2025 में भारत के आवासीय रियल एस्टेट सेक्टर की विकास दर और खरीदारों के उत्साह को काफी हद तक प्रभावित किया है.

यह भी पढ़ें: किराएदार खाली नहीं कर रहा है घर, क्या करें मकान मालिक? जानें अपने कानूनी अधिकार

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement