ऑनलाइन बैंकिंग के इस जमाने में वित्तीय लेनदेन को लेकर कई खतरे भी बढ़ गए हैं. लेकिन अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक हैं और आप कभी ऑनलाइन लेनदेन के दौरान धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो आपको दो नंबर हमेशा याद रखने चाहिए.
कभी भी अगर आपको ऐसा लगा कि पैसे ट्रांसफर करने के दौरान आपके साथ धोखाधड़ी हुई है या फिर आपके खाते में कोई अवैध रकम आ गई है, तो ऐसी सूरत से निपटने के लिए एसबीआई ने दो टोल फ्री नंबर जारी किए हैं.
भारतीय स्टेट बैंक ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. बैंक ने बताया कि
कभी भी ऐसी घटना आपके साथ होती है तो आप 1800-425-3800 और 1800-11-2211
पर कॉल कर सकते हैं.
बैंक ने कहा कि अवैध इलेक्ट्रोनिक ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को रिपोर्ट करने में जितना ज्यादा समय आप लेंगे, उतना ही ज्यादा आपका नुकसान होगा.
बैंक ने कहा है कि ऐसे किसी भी लेनदेन को लेकर सीधे इन नंबरों पर संपर्क करें ताकि सुरक्षात्मक उपाय किए जा सकें और आपका नुकसान कम हो.
अन्य बैंकों की तरह ही भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक भी आसानी से ऑनलाइन लेनदेन कर सकते हैं. डिजिटलीकरण के इस जमाने में कुछ लोग वायर ट्रांसफर पर ही निर्भर रहते हैं. ऐसे में ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतना काफी अहम है.
भारतीय स्टेट बैंक से आप भी एनईएफटी, आरटीजीएस और आईएमपीएस कर सकते हैं. ये सुविधाएं बैंक के लगभग सभी तरह के खातों के साथ मिलती है.
एसबीआई इन सुविधाओं को अपने इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल onlinesbi.com के जरिये आपको देता है. पिछले कई दिनों से ट्विटर पर एसबीआई लगातार ग्राहकों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय सुझा रहा है.
इसके साथ ही वह ग्राहकों को SMS कर भी ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी कॉल से बचने की हिदायत दे रहा है.