पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी परेशान है. पिछले 12 दिनों से बढ़ोतरी रुकने का नाम नहीं ले रही है.
देश में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 85 का आंकड़ा छू चुकी है. डीजल भी कई राज्यों में 70 का आंकड़ा पार कर चुका है. ऐसी स्थिति में सरकार आम आदमी को इन बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए रास्ते तलाश रही है.
लेकिन अगर सरकार चाहे तो वह आम आदमी को काफी ज्यादा राहत दे सकती है. शुक्रवार को जो कच्चा तेल 78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा हुआ है, वह तेल कंपनियों को सिर्फ 55 डॉलर प्रति बैरल मिल सकता है. हालांकि इसके लिए भारत सरकार को वेनेजुएला का ऑफर स्वीकार करना होगा. (नोट: कच्चे तेल की कीमतें हर दिन बदलती रहती हैं.)
इसी महीने की शुरुआत में वेनेजुएला ने भारत के सामने एक खास ऑफर रखा. इसमें उसने कहा कि वह भारत को सउदी अरब के मुकाबले 30 फीसदी सस्ता कच्चा तेल देगा. हालांकि इसके लिए भारत को जो भुगतान करना होगा, वह यहां की क्रिप्टोकरंसी पैक्ट्रो के जरिये करना होगा.
अगर भारत इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो भारत के लिए कच्चा तेल खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा. कच्चे तेल के 55 डॉलर प्रति बैरल या इसके आसपास आने के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी काफी बड़ी गिरावट आएगी. हालांकि यहां पेंच ये है कि भारत फिलहाल क्रिप्टो करंसी में लेन-देन करने के खिलाफ है.
यही नहीं, वेनेजुएला ने एक और प्रस्ताव भी रखा है. उसने कहा है कि वह भारत की तरफ से कच्चे तेल की खरीद के लिए रुपये में भुगतान लेने को तैयार है. उसका कहना है कि इससे वह अमेरिका की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों से बच जाएगा और वह भारत से काफी सामान खरीद सकेगा.
केंद्र सरकार ने वेनेजुएला के इन दोनों ऑफर्स को लेकर फिलहाल कुछ नहीं कहा है, लेकिन अगर इन ऑफर्स को स्वीकार किया जाता है तो पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से बड़ी राहत मिलना तय है.
बता दें कि भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है. सउदी उसका सबसे बड़ा आयातक है. वेनेजुएला की बात करें, तो उसके पास करीब 300 अरब बैरल कच्चे तेल का भंडार है. ऐसे में यह प्रस्ताव भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. (सभी फोटो प्रतीकात्मक)