अगले 5 साल के लिए भारतीय सियासत की तस्वीर साफ हो चुकी है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार की सत्ता में एक बार फिर वापसी हुई है. एनडीए सरकार की इस सफलता का श्रेय पीएम नरेंद्र मोदी की 7 बड़ी योजनाओं का जाता है, जिसने लोगों का दिल जीता है. आइए जानते हैं इन 7 योजनाओं के बारे में.
2 . पीएम किसान योजना
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अंतरिम बजट पेश करते हुए मोदी सरकार ने किसान योजना का ऐलान किया. इसे मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना गया. इस योजना के तहत मोदी सरकार शर्तों के साथ किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रु. दे रही है. इस योजना का फायदा अभी उन किसानों को मिल रहा है जिन्होंने सामूहिक रूप से दो हेक्टेयर यानी 5 एकड़ तक की जमीन पर खेती करते हों.
3. सुरक्षा बीमा योजना
यह भी एक बीमा पॉलिसी है. इसमें सालाना सिर्फ 12 रुपये कटता है. बीमा खरीदने वाले ग्राहक की एक्सीडेंट में मृत्यु होने पर या विकलांग होने की स्थिति में 2 लाख रुपये की रकम उसके आश्रित को दी जाती है. शर्तों की बात करें तो प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ उन्हें ही मिलेगा जिनकी 18-70 साल तक की उम्र है.
4 .जीवन ज्योति बीमा योजना
मई 2015 में मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी. यह सरकार का एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है. योजना के तहत 2 लाख रुपये की बीमा मिलती है. यह योजना 18 साल की उम्र से लेकर 50 साल की उम्र तक का कोई भी शख्स ले सकता है. इस पॉलिसी की मैच्योरिटी की उम्र 55 साल है. इस योजना को हर साल रिन्यू कराना पड़ता है. इसका सालाना प्रीमियम सिर्फ 330 रुपये कटता है.
5 . प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
जब भी मोदी सरकार की योजनाओं की बात होगी उसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का जिक्र जरूर होगा. योजना के तहत अब तक 7 करोड़ मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए जा चुके हैं. इसकी सफलता और असफलता को लेकर तमाम बहस हुई लेकिन इसके बावजूद उज्ज्वला योजना ने गरीब परिवारों का दिल जीत लिया. बता दें कि इस योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी. साल 2011 की जनगणना के हिसाब से जो परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, उन्हें उज्ज्वला योजना का लाभ मिल सकता है. इस योजना का लाभ उठाने वाले लोगों को भारत सरकार आर्थिक सहायता भी देती है.
6 . प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना
इस योजना के तहत मोदी सरकार हर घर रौशन करने के लक्ष्य पर काम कर रही थी. योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर गांव में, हर शहर में हर घर में बिजली प्रदान करना है. मार्च 2019 तक सरकार ने लक्ष्य का 99.93 फीसदी मुकाम हासिल कर लिया है.