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लाखों लोगों के PF की रकम पर खतरा, कहीं लिस्‍ट में आप भी तो नहीं

aajtak.in
  • 15 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 10:35 AM IST
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किसी भी नौकरीपेशा शख्‍स के लिए उनके पीएफ का पैसा काफी अहम होता है. दरअसल, पीएफ खाते में जमा होने वाली रकम नौकरीपेशा लोगों की भविष्‍य सुरक्षित करने का शानदार जरिया होता है. लेकिन अब लाखों लोगों के पीएफ और पेंशन फंड के पैसे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. आज हम इस रिपोर्ट में बता रहे हैं कि आखिर क्‍यों ऐसे हालात बने हैं.  

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दरअसल, आपके पीएफ और पेंशन फंड खाते का ज्यादातर पैसा कर्ज के बोझ तले इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज (आईएलएंडएफएस) समूह की सहायक कंपनियों में निवेश किया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में PPF की ओर से राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण  (NCLAT) में याचिका दायर कराई गई है.  इस याचिका में कहा गया है कि उसे अपने पैसे खोने का डर है क्योंकि जिन बॉन्ड के तहत यह निवेश किया था वह असुरक्षित कर्ज के तहत आते हैं.

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पीएफ यह रकम तब लगाई गई थी जब आईएलएंडएफएस की हालत काफी सही थी और इसको सुरक्षित निवेश के लिए ट्रिपल ए (एएए) की रेटिंग मिली हुई थी. लेकिन अब ये कंपनियां फिलहाल दिवालिया होने की कगार पर है. इस समूह की 133 सहायक कंपनियों पर 91,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. सरकार ने बीते साल आईएलएंडएफएस को अपने नियंत्रण में ले लिया था. इससे पहले साल 2009 में सरकार ने सत्यम कंप्यूटर को अपने कब्जे में ले लिया था.

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इन सबके बीच संसद की एक समिति ने आईएलएंडएफएस संकट और कर्ज साख निर्धारण करने वाली एजेंसियों (सीआरए) की भूमिका की पड़ताल के लिये एक जांच आयोग के गठन का सुझाव दिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता वाली समिति ने संसद को दिए रिपोर्ट में कहा है कि जांच आयोग सीआरए की भूमिका की जांच करेगी.

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इसके साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम सहित आईएलएंडएफ के संस्थागत शेयरधारकों की भूमिका की भी पड़ताल होगी. बता दें कि इस समूह में सरकारी कंपनियों  भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और एसबीआई की क्रमश: 25.34 फीसदी और 6.42 फीसदी हिस्सेदारी है. 

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राहुल गांधी उठा चुके हैं सवाल
बीते साल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आईएलएंडएफ में एलआईसी की हिस्‍सेदारी पर सवाल खड़े किए थे. उन्‍होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चहेती कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) को डूबने से बचाने के लिए आम आदमी की जेब पर डाका डाला है.

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