किसी भी नौकरीपेशा शख्स के लिए उनके पीएफ का पैसा काफी अहम होता है. दरअसल, पीएफ खाते में जमा होने वाली रकम नौकरीपेशा लोगों की भविष्य सुरक्षित करने का शानदार जरिया होता है. लेकिन अब लाखों लोगों के पीएफ और पेंशन फंड के पैसे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. आज हम इस रिपोर्ट में बता रहे हैं कि आखिर क्यों ऐसे हालात बने हैं.
दरअसल, आपके पीएफ और पेंशन फंड खाते का ज्यादातर पैसा कर्ज के बोझ तले इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंसियल सर्विसेज (आईएलएंडएफएस) समूह की सहायक कंपनियों में निवेश किया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में PPF की ओर से राष्ट्रीय कंपनी अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) में याचिका दायर कराई गई है. इस याचिका में कहा गया है कि उसे अपने पैसे खोने का डर है क्योंकि जिन बॉन्ड के तहत यह निवेश किया था वह असुरक्षित कर्ज के तहत आते हैं.
इसके साथ ही भारतीय जीवन बीमा निगम सहित आईएलएंडएफ के संस्थागत शेयरधारकों की भूमिका की भी पड़ताल होगी. बता दें कि इस समूह में सरकारी कंपनियों भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और एसबीआई की क्रमश: 25.34 फीसदी और 6.42 फीसदी हिस्सेदारी है.
राहुल गांधी उठा चुके हैं सवाल
बीते साल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आईएलएंडएफ में एलआईसी की हिस्सेदारी पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी चहेती कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (IL&FS) को डूबने से बचाने के लिए आम आदमी की जेब पर डाका डाला है.