Tata Group Future: कौन संभालेगा टाटा ट्रस्‍ट? बैठक आज... 165 अरब डॉलर साम्राज्‍य को लेकर ये हैं प्रमुख दावेदार!

र‍तन टाटा ने टाटा ट्रस्‍ट को बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी TATA Sons में टाटा ट्रस्‍ट की 66 फीसदी की हिस्‍सेदारी है. टाटा ट्रस्‍ट के तहत ही Tata Group संचालित है. ये ट्रस्‍ट परोपकारी पहल और शासन की देखरेख के लिए काम करता है.

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Tata Trusts Succession Plan Tata Trusts Succession Plan

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली ,
  • 11 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

रतन टाटा के निधन के बाद उत्तराधिकार को लेकर कई तरह के सवाल और कंफ्यूजन बने हुए हैं. हालांकि अब जल्‍द ही इसपर फैसला हो सकता है, क्‍योंकि टाटा ट्रस्‍ट की बैठक आज यानी शुक्रवार को मुंबई में होने वाली है, जिसमें उत्तराधिकार योजना को लेकर चर्चा होगी. बुधवार, 9 अक्‍टूबर 2024 को रतन टाटा का निधन 86 साल की उम्र में मुंबई के अस्‍पताल में हुआ. कल उनका अंतिम संस्‍कार किया गया. 

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अब उनके उत्तराधिकार को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. आखिर टाटा ग्रुप और टाटा ट्रस्‍ट की जिम्‍मेदारी कौन संभालेगा? र‍तन टाटा ने टाटा ट्रस्‍ट को बनाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई थी. टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी TATA Sons में टाटा ट्रस्‍ट की 66 फीसदी की हिस्‍सेदारी है. टाटा ट्रस्‍ट के तहत ही Tata Group संचालित है. ये ट्रस्‍ट परोपकारी पहल और शासन की देखरेख के लिए काम करता है. 

रतन टाटा के सौतेले भाई प्रमुख दावेदार 
ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि रतन टाटा के बाद आखिर कौन टाटा ट्रस्‍ट की देखरेख करेगा. इसमें सबसे बड़ा नाम Ratan Tata के सौतेले भाई नोएल टाटा सामने आया है. नोएल टाटा धीरे-धीरे ट्रस्टों में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. वह वर्तमान में सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, दोनों के ट्रस्टी हैं, जो टाटा ट्रस्ट के तहत प्रमुख संस्‍थाएं हैं. पिछले कुछ सालों में उनकी बढ़ती भागीदारी को देखते हुए, ट्रस्टों की देखरेख के लिए संभावित उत्तराधिकारी के रूप में उनका नाम सामने आया है. 

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टाटा संस को संभाल रहे एन चंद्रशेखरन 
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति की जा सकती है, लेकिन स्थायी पद के लिए नोएल टाटा संभावित दावेदार हैं. हालांकि एन चंद्रशेखरन टाटा संस का नेतृत्व जारी रखे हुए हैं, लेकिन अब फोकस ट्रस्ट के नेतृत्व पर केंद्रित हो चुका है, 2012 में टाटा संस से रिटारमेंट होने के बाद रतन टाटा ने यह पद संभाला था. 

क्‍यों प्रमुख दावेदार बन रहे नोएल टाटा? 
टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन नोएल टाटा हैं. इनका टाटा ग्रुप के साथ चार दशकों का लंबा इतिहास रहा है. वे ट्रेंट, वोल्टास और टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन जैसी कंपनियों के चेयरमैंन भी हैं. इतना ही नहीं टाटा स्टील और टाइटन कंपनी लिमिटेड के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं. इसके अलावा, टाटा इकोसिस्टम के साथ उनके गहरे संबंध उन्हें टाटा ट्रस्ट के अगले चरण को आकार देने के लिए एक मजबूत उम्मीदवार बनाते हैं. 

वहीं साइरस मिस्त्री की बहन से विवाह से मिस्त्री परिवार के साथ उनके संबंध, टाटा-मिस्त्री संबंधों में एक और आयाम जोड़ते हैं. मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस में 18% हिस्सेदारी की हिस्‍सेदारी है. ऐसे में टाटा ग्रुप में उनका प्रभाव ज्‍यादा बना हुआ है. 

टाटा ग्रुप को मिल सकता है नया आकार 
रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक ट्रस्टों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, और संभवतः नोएल टाटा के नेतृत्व में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है. जैसे-जैसे अटकलें बढ़ती जा रही हैं, सभी की निगाहें नतीजों पर टिकी हैं. टाटा समूह के भविष्य के प्रशासन और 100 से अधिक देशों में फैले इसके व्यापक वैश्विक संचालन को आकार दे सकता है. इसके साथ ही 165 अरब डॉलर से अधिक राजस्व पैदा कर सकता है. 

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