काफी समय से सुस्ती का सामना कर रहे IT सेक्टर के लिए गुड न्यूज आने का सिलसिला जारी है. दरअसल, ये खुशखबरी आईटी सेक्टर में नई नौकरियों की बहार आने से जुड़ी है. टैलेंट सॉल्यूशंस कंपनी एनएलबी सर्विसेज की लेटेस्ट रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 की दूसरी छमाही में आईटी इंडस्ट्री ने फिर से रफ्तार पकड़ी है.
इसमें दावा किया गया है कि 2025 में आईटी इंडस्ट्री में 15 से 20 फीसदी तक रिक्रूटमेंट बढ़ने का अनुमान है. वहीं स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स में डिमांड 30 से 35 परसेंट तक बढ़ने की संभावना है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग में ज्यादा डिमांड होने का भरोसा जताया जा रहा है.
AI एक्सपर्ट्स की बढ़ेगी डिमांड
एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और क्लाउड जैसी नई टेक्नोलॉजीज में डिमांड में जबरदस्त उछाल आएगा. 2025 में इनमें परफॉर्मेंस ज्यादा बेहतर होने की तैयारियां चल रही हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रेशर्स के लिए ये गोल्डन टाइम हो सकता है क्योंकि कंपनियों की नई टेक्नोलॉजीज पर निर्भरता बढ़ रही है. ऐसे में नई तकनीक में महारत हासिल करके युवा जॉब हासिल करने में कामयाब हो सकते हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिक्रूटमेंट के साथ ही स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जा रहा है. कंपनियां अपने एम्प्लॉइज को नई टेक्नोलॉजीज के हिसाब से ट्रेनिंग देने में भी जमकर इन्वेस्टमेंट कर रही हैं. नई टेक्नोलॉजीज पर बढ़ती निर्भरता बढ़ने से टेक्निकल स्किल डेवलपमेंट पर कंपनियों का फोकस बढ़ रहा है.
आईटी सेक्टर में भारत का दबदबा
IT सेक्टर के लिए इस तरह की खबरें आना बड़ी राहत की बात है, क्योंकि ये भारत में संगठित क्षेत्र में व्हाइट कॉलर जॉब्स देने वाला सबसे बड़ा सेक्टर है. जबकि इसके पहले कोविड के दौरान 2021-22 में ग्लोबल रिसेशन के चलते कंपनियों ने बड़े पैमाने पर लेऑफ किया था.
लेकिन 2025 में हालात बदलने की उम्मीद है और लेऑफ की स्पीड घटने के साथ ही नए जॉब्स बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. इस बढ़ोतरी का भी सबसे ज्यादा फायदा फ्रेशर्स को मिलेगा और ये इनके लिए सबसे बड़ी राहत है क्योंकि बीते साल तक कंपनियां ऑफर लेटर देने के बावजूद फ्रेशर्स को ज्वाइनिंग कराने में हिचक रही थीं.
एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि आईटी इंडस्ट्री में नई टेक्नोलॉजीज के चलते फ्रेशर्स के लिए शानदार मौके मिल सकते हैं. अब देखना यही है कि 2025 में ये सेक्टर युवाओं को कितने बेहतर ऑप्शन देता है और रोजगार की समस्या का भी कितना समाधान करने में कामयाब हो पाता है.
आदित्य के. राणा