कभी संकट से उबारा... अब फिर अडानी की इस कंपनी में खरीदे करोड़ों शेयर, कौन हैं ये शख्‍स?

अडानी फैमिली का पोर्टफोलियो अभी 125 अरब डॉलर है, जिसे मैनेज और बैलेंस करने के लिए अंबुजा सीमेंट्स में हिस्‍सेदारी बेची गई है. ये शेयर ब्‍लॉक डील के जरिए सेल किए गए हैं.

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राजीव जैन ओर गौतम अडानी (फाइल फोटो) राजीव जैन ओर गौतम अडानी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली ,
  • 24 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी में कई निवेशकों ने बड़ा दांव लगाया है. शुक्रवार को अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cements) के करोड़ों शेयर खरीदे गए. GQG पार्टनर्स, नेशनल पेंशन सिस्‍टम ट्रस्‍ट और एसबीआई लाइफ इंश्‍योरेंस समेत कई ने अंबुजा सीमेंट में 4,251 करोड़ रुपये के शेयर (Ambuja Cements Share) खरीदे हैं. अंबुजा सीमेंट के शेयर अडानी फैमिली (Adani Family) की ओर से 4,251 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बेचे गए हैं. 

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कुछ रिपोर्ट्स में बैंकिंग सोर्स के हवाले से कहा गया है कि अडानी फैमिली का पोर्टफोलियो अभी 125 अरब डॉलर है, जिसे मैनेज और बैलेंस करने के लिए अंबुजा सीमेंट्स में हिस्‍सेदारी बेची गई है. ये शेयर ब्‍लॉक डील के जरिए सेल किए गए हैं. सोमवार से अब तक कई कंपनियों के बीच 20,000 करोड़ रुपये के ब्लॉक डील हुए हैं. 

जीक्यूजी पार्टनर्स सबसे बड़ा खरीदार 
स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, जीक्यूजी पार्टनर्स सबसे बड़ा खरीदार रहा, जिसने अंबुजा सीमेंट्स में 1,679 करोड़ रुपये के 4.39 करोड़ शेयर खरीदे. वहीं नेशनल पेंशन सिस्टम ट्रस्ट ने 525 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने 500 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. अंबुजा सीमेंट्स में ये हिस्‍सेदारी सेल अडानी फैमिली की समूह कंपनियों में अपनी हिस्‍सेदारी 3 प्रतिशत तक कम करने की योजना का हिस्‍सा है, क्‍योंकि अडानी ग्रुप की कंपनियां 52 सप्‍ताह के उच्‍च स्‍तर पर कारोबार कर रही हैं. 

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इतने रुपये पर हुई शेयरों की डील 
अंबुजा सीमेंट्स का शेयर 633 रुपये प्रति शेयर पर स्थिर बंद हुआ और ब्लॉक डील के जरिए इसके शेयर 625 रुपये प्रति शेयर पर बेचे गए. इस सेल के साथ अडानी फैमिली के पास अंबुजा सीमेंट्स में 67.3 प्रतिशत हिस्‍सेदारी होगी, जिसे उसने मई 2022 में स्विस मैटेरियल फर्म होल्सिम से हासिल किया था. साथ ही फैमिली अडानी पावर में भी 0.5 से 3 प्रतिशत तक की हिस्‍सेदारी बेच सकता है. हालांकि अभी इसपर कोई फैसला नहीं आया है. 

अडानी ग्रुप को इस शख्‍स ने संकट से उबारा था
बात जनवरी 2023 की है, जब अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट पेश की थी. इस रिपोर्ट के आने के बाद गौतम अडानी की नेटवर्थ में तगड़ी गिरावट हुई थी. इसके साथ ही अडानी ग्रुप के सभी शेयर भरभराकर टूट गए थे. इसके बाद  GQG पार्टनर्स ही वह पहला इन्‍वेस्‍टर था, जिसने अडानी ग्रुप की कई कंपनियों में बड़ा दांव लगाया था. जीक्यूजी पार्टनर्स ने अडानी समूह की चार कंपनियों में 1.87 अरब डॉलर (क़रीब एक खरब 52 अरब रुपये) का बड़ा निवेश किया था. इसके बाद अडानी ग्रुप के शेयर तेजी से चढ़ने लगे. आज आलम ये है कि अडानी ग्रुप के ज्‍यादातर शेयर अपने 52 सप्‍ताह के हाई पर कारोबार कर रहे हैं.  GQG पार्टनर्स राजीव जैन की कंपनी है, जो एक दिग्‍गज निवेशक के तौर पर जाने जाते हैं. 

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(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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