ट्रंप का क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर तगड़ा वार, कहा- अब 20-30% ब्याज नहीं चलेगा, सिर्फ 10% कैप...

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और आम लोगों पर बढ़ते वित्तीय बोझ के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने 20-30% ब्याज को ‘लूट’ बताया और ब्याज दर 10% तक सीमित करने का ऐलान किया है.

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ट्रंप ने अमेरिका में क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर शिकंजा कसा. अब 10% से ज्यादा ब्याज नहीं मिलेगा. ट्रंप ने अमेरिका में क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर शिकंजा कसा. अब 10% से ज्यादा ब्याज नहीं मिलेगा.

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट कार्ड कंपनियों पर तगड़ा वार किया है और भारी ब्याज दरें वसूले जाने के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है. ट्रंप ने कहा है कि 20 से 30 प्रतिशत या उससे ज्यादा ब्याज लेकर अमेरिकी जनता को लूटने की इजाजत अब नहीं दी जाएगी. 20 जनवरी 2026 से एक साल के लिए क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट रेट पर 10 प्रतिशत की सीमा लागू की जाएगी.

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ट्रंप ने अपने बयान में कहा, कृपया यह जान लें कि हम अब क्रेडिट कार्ड कंपनियों को अमेरिकी जनता को ठगने नहीं देंगे. ये कंपनियां 20 से 30 प्रतिशत और उससे भी ज्यादा ब्याज वसूल रही हैं, जो 'स्लीपी जो बाइडेन प्रशासन' के दौरान बिना किसी रोकटोक के बढ़ता रहा.

राष्ट्रपति ट्रंप ने आम लोगों की जेब पर बोझ कम करने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि 20 जनवरी 2026 से क्रेडिट कार्ड ब्याज दरों पर एक साल के लिए 10 प्रतिशत की अधिकतम सीमा तय की जा रही है.

ट्रंप सरकार को होने जा रहा है एक साल

ट्रंप ने यह भी कहा कि संयोग से 20 जनवरी की तारीख उनके प्रशासन की ऐतिहासिक और बेहद सफल एक साल की वर्षगांठ से भी जुड़ी होगी. उन्होंने इसे अपनी सरकार की उपलब्धियों से जोड़ते हुए कहा कि यह फैसला आम अमेरिकियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक अहम कदम है.

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ट्रंप ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा और कहा कि पिछली सरकार के दौरान क्रेडिट कार्ड कंपनियों को खुली छूट मिली रही, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा.

लोगों को राहत देने में जुटी अमेरिकी सरकार

यह ऐलान ऐसे वक्त आया है जब ट्रंप प्रशासन आम अमेरिकी उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहे खर्च के बोझ को हल्का करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है. इससे पहले अमेरिकी सरकार करीब 200 अरब डॉलर के मॉर्गेज बॉन्ड खरीदने का ऐलान कर चुकी है. सरकार का दावा है कि इस कदम से होम लोन यानी मॉर्गेज दरों में राहत मिलेगी, क्योंकि घरों की वहन-क्षमता को लेकर चिंता लंबे समय से अमेरिकियों पर दबाव बना रही है.

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