मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहले दूसरा बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा. इस कड़ी में अब लगातार बैठकें चल रही हैं. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अर्थशास्त्रियों और सेक्टर विशेष के एक्सपर्ट्स बैठक कर रहे हैं. बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी मौजूद हैं. इसके अलावा पॉलिसी थिंक टैंक के अन्य सदस्य भी बैठक में नजर आ रहे हैं.
दरअसल, बजट से पहले हमेशा तमाम एक्सपर्ट्स की राय ली जाती हैं. इसी कड़ी में आज पीएम मोदी अर्थशास्त्रियों और एक्सपर्ट्स से बात कर रहे हैं. पीएम मोदी इकोनॉमी को रफ्तार देने के लिए विकल्पों पर विशेषज्ञों से बातचीत करेंगे.
बजट से पहले मैराथन बैठक
बता दें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में बजट 2025-26 पेश करने वाली हैं. बता दें, 20 दिसंबर को वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक की अध्यक्षता की. पंजाब और केरल जैसे वित्तीय रूप से संकटग्रस्त राज्यों के वित्त मंत्रियों ने सरकार से राहत की मांग कीं.
बैठक में वित्तीय संकट से जूझ रहे राज्यों ने विशेष पैकेज की मांग की, जबकि राज्य के वित्त मंत्रियों ने केंद्र से लॉन्ग टर्म बुनियादी ढांचे और पूंजीगत व्यय में सहायता के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त लोन के लिए आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया. राज्यों ने केंद्र से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ी लागतों का बड़ा हिस्सा वहन करने के साथ-साथ इन परियोजनाओं के लिए पूंजीगत व्यय अपडेट और फंडिंग का भी अनुरोध किया.
किसान, आम आदमी को बजट से राहत की उम्मीद
बता दें, वित्त मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण लगातार 8वीं बार देश का बजट पेश करेंगी. यह बजट ऐसे वक्त पर आ रहा है जब GDP ग्रोथ में सुस्ती देखने को मिली है. वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई. ऐसे में उम्मीद है कि बजट 2025 में इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ाने वाले उपाय हो सकते हैं.
यही नहीं, इस बार के बजट से किसान, आम आदमी और उद्योग जगत को खासी उम्मीदें हैं. साथ ही मिडिल क्लास को भी आयकर में छूट की आस लगी है. क्योंकि इसी साल जुलाई में पेश बजट में वित्त मंत्री ने डायरेक्ट टैक्स कोड में समीक्षा की बात कही थी.
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