केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश किया. लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के इस अंतरिम बजट में किसान, मिडिल क्लास, महिलाओं के लिए बंपर ऐलान किया गया है. इस बजट पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, लेकिन आप सोचिए कि अगर सेक्रेड गेम्स और मिर्जापुर जैसी वेब सीरीज के कैरेक्टर को इन पर रिएक्शन देना होता तो फिर क्या होता.
किसानों और मजदूरों के लिए बजट में जो ऐलान किया गया है वह लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. जाहिर है केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल इस समय गणेश गायतोंडे की तरह सोच रहे होंगे कि ''कभी-कभी लगता है अपुन ही भगवान है...''
बजट पेश करने के बाद विपक्षी नेताओं ने इसे खोखला बजट बताया है. यानी साफ है कि वो भी सेक्रेड गेम्स के इस कैरेक्टर की तरह है कह रहे हैं...'देश संकट में है'
इतना ही नहीं मोदी सरकार ने इन मास्टर स्ट्रोक को चलकर विपक्ष को सकते में डाल दिया है. विपक्ष भी इस समय मिर्जापुर के कालीन भैया की तरह सोच रहा होगा. 'इन दोनों लड़कों का कुछ करना पड़ेगा''.
बजट में टैक्स स्लैब में तो कोई बदलाव नहीं हुआ है लेकिन 5 लाख रुपये तक सालाना कमाने वालों को टैक्स भरने से राहत दे दी है. 5 लाख से ऊपर कमाने वाले सोच रहे होंगे..'' अब अपुन को नया धर्म मांगता है''.
अंतरिम बजट में की गई योजनाओं को चुनावी गेमचेंजर माना जा रहा है. अगर इन ऐलानों से भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचता है तो बीजेपी कार्यकर्ताओं का एक ही रिएक्शन होगा..'' अबे बवाल चीज है बे.. पूरा सिस्टम हिल जाता है.''
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले बना महागठबंधन चुनाव में नरेंद्र मोदी को टक्कर देगा. लेकिन इन चुनावी ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं.... ''अब सिर्फ त्रिवेदी बचेगा.''
पीयूष गोयल ने पहली बार बजट पेश किया है. सामान्य तौर पर वित्त मंत्री का भाषण 60-70 मिनट का रहता है लेकिन पीयूष गोयल ने 90 मिनट से ऊपर का भाषण पेश किया है. ऐसे में उनका रिएक्शन तो ये ही रहा है...'' पहले मजबूरी में किए थे, लेकिन अब मजा आ रहा है''.
किसान, मजदूर और 5 लाख रुपए तक कमाने वालों को मोदी सरकार ने बड़े तोहफे दिए हैं. ऐसे में इस समय ये सब मोदी सरकार के लिए सिर्फ इतना ही सोच रहे हैं कि.... हमारे दिल में तुम्हारे लिए इज्जत और भी बढ़ गई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस बजट को चुनाव का गेमचेंजर माना जा रहा है.