बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. मधुबनी जिले में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है.
जानकारी के अनुसार, मधुबनी में कांग्रेस की ओर से चुनावी प्रदर्शन को लेकर एक समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. बैठक का मकसद चुनाव में मिली हार के कारणों की समीक्षा करना था. इसी दौरान पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने टिकट बंटवारे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. आरोप प्रत्यारोप के बीच बात इतनी बढ़ गई कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए.
नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई. कुर्सियां खिसकती दिखीं और कार्यकर्ता एक दूसरे पर हाथ छोड़ते नजर आए. यह पूरा घटनाक्रम बैठक स्थल पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पार्टी की अंदरूनी हालत पर सवाल उठने लगे हैं.
इस पूरी घटना के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान भी बैठक में मौजूद थे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मारपीट और हंगामे के दौरान दोनों नेता मौके पर ही बैठे रहे और चुपचाप पूरा घटनाक्रम देखते रहे. किसी भी स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप न होने के कारण विवाद और ज्यादा बढ़ गया.
घटना के बाद कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विश्लेषण का विषय है कि आखिर ऐसी घटना क्यों हुई. उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखना जरूरी है और इस तरह की हरकत करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की तरफ से हिदायत दी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि समीक्षा बैठकों का उद्देश्य आत्ममंथन होता है, न कि आपसी टकराव.
कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस पहले से ही दबाव में है. ऐसे में सार्वजनिक मंच पर हुआ यह विवाद पार्टी की मुश्किलें और बढ़ा सकता है. मधुबनी की इस घटना को लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी और असंतोष की चर्चा तेज हो गई है.
शशि भूषण कुमार