दो देसी नस्ल की गाय खरीदने पर किसानों को मिलेंगे 80 हजार रुपये, यहां करना होगा आवेदन

उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत जो पशुपालक हरियाणा, पंजाब से साहीवाल, थारपारकर नस्ल की 2 गाय संरक्षित करेगा. उसे 80 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा. सब्सिडी की राशि आवेदन फॉर्म भरने के बाद एक माह के अंदर लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी.

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सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 09 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 5:46 PM IST

उत्तर प्रदेश में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में पशुपालन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है. नंद बाबा मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से साहीवाल, थारपारकर और गिल नस्ल की दो गाय लाकर पालने पर उत्तर प्रदेश सरकार 80 हजार रुपये का अनुदान दे रही है. प्रदेश सरकार ने कई मंडलों के साथ बांदा को भी इस योजना से जोड़ने का काम किया है, जिससे यहां के भी पशुपालक और किसान को फायदा मिलेगा. 

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सब्सिडी के लिए महिलाओं को मिलेगी वरीयता

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत जो पशुपालक हरियाणा, पंजाब से साहीवाल, थार पारकर नस्ल की 2 गाय संरक्षित करेगा. उसे 80 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा. सब्सिडी की राशि आवेदन फॉर्म भरने के बाद एक माह के अंदर लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी. इस योजना में 50% महिलाओं को वरीयता दी जाएगा. 

किसान को खरीदनी होगी दो गाय

पशुपालकों और किसान को दो लाख रुपये में दो ऐसी नस्ल की गाय को जो 10 से 12  लीटर दूध देती हो, उन्हें पालना होगा, उनके रखने के लिए एक टीनशेड और घास काटने की मशीन भी खरीदनी होगी. इस योजना में गौवंशो का 3 साल का पशु बीमा भी रहेगा. इसकेलिए लिए सरकार 80 हजार रुपये सब्सिडी दे रही हैय. बाकी 1 लाख 20 हजार किसानों को खुद खर्च करना पड़ेगा.

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यहां आवेदन कर सकते हैं किसान

पशु पालन विभाग के उपनिदेशक मनोज अवस्थी ने बताया कि इस योजना में ऑनलाइन (http://www.animalhusb.upsdc.gov.in/hi) और नजदीकी जिला पशुपालन केंद्र पहुंचकर ऑफलाइन के जरिये आवेदन फॉर्म भरकर लाभ लिया जा सकता है. आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक अकाउंट की प्रति, सहित गायों को सरक्षित करने की जगह की फ़ोटो, साथ ही घास के लिए कृषि भूमि का आंकड़ा अटैच कर विकास भवन में पशु चिकित्सा अधिकारी, बीडीओ या सीडीओ ऑफिस में जमा कराना होगा. सत्यापन के बाद किसानों के खाते में योजना के तहत मिलने वाली राशि भेज दी जाएगी.

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