यूपी के पशुपालकों को बड़ा तोहफा मिला है. केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने यूपी में "पशु उपचार पशुपालकों के द्वार" योजना की शुरुआत की है. इस योजना के तहत राज्य के पशुपालकों को पशुओं के उपचार के लिए नजदीकी क्लीनिक पर नहीं जाना पड़ेगा. पशुपालकों के घर खुद चिकित्सक पहुंचकर उनके पशुओं का उपचार करेंगे.
इटावा जिले को दिए गए 5 मोबाइल वेटरनरी वैन
यूपी के इटावा जनपद से इस योजना की शुरुआत कर दी गई है. जिले को 5 मोबाइल वेटरनरी वैन दी गई है. प्रत्येक वैन में एक डॉक्टर के साथ में दवाइयां और सुविधाएं उपलब्ध हैं. आपके पशु के बीमार होने पर इन मोबाइल वेटरनरी वैन के माध्यम से डॉक्टर सीधे आपके घर पहुंचेंगे और आपके पशु का इलाज करेंगे.
यहां करना पड़ेगा कॉल
अगर आप इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको 1962 नंबर पर कॉल करना पड़ेगा. कॉल के दौरान आपको अपने पशु की बीमारी के लक्षणों के बारे में बताया जाएगा. कुछ ही देर बाद स्थानीय मोबाइल वेटरनरी वैन डॉक्टर सहित घर पर पहुंच जाएगी. इसके बाद डॉक्टर आपके पशु के इलाज की शुरुआत करेगा.
रजिस्ट्रेशन के लिए देना पड़ेगा इतना शुल्क
इलाज के लिए पहुंचे डॉक्टर को गाय, भैंस का 5 रुपए और पालतू कुत्ता, बिल्ली के लिए 10 रुपए का पंजीकरण शुल्क देना होगा. इलाज के लिए आपसे कोई फीस नहीं चार्ज की जाएगी. वहीं, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के लिए भी पैसे नहीं लिए जाएंगे. इस योजना में गाय-भैंस के साथ-साथ अन्य सभी पालतू जानवरों को भी शामिल किया गया है.
आंध्र प्रदेश में भी हो चुकी है ऐसी ही योजना की शुरुआत
बताते चलें कि इस तरह की योजना की शुरुआत साल 2022 में आंध्र प्रदेश में भी हो चुकी है. राज्य सरकार ने 175 एंबुलेंस पर कुल 143 करोड़ रुपये खर्च किए थे. आंध्र प्रदेश में इस योजना की सफलता के बाद, यूपी सरकार ने भी ट्रायल के तौर पर इसकी शुरुआत कर दी है.
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