केंद्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलें खरीदने की मंजूरी मिलने के बाद से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है. मध्य प्रदेश सरकार ने ज्वार, बाजरा और धान की सरकारी खरीद के लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए 14 अक्टूबर तक का समय दिया था. लेकिन, कुछ जिलों में कई वजहों से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया काफी धीमी रही, जिससे 6 जिलों के किसान समय रहते रजिस्ट्रेशन नहीं करा सके हैं. ऐसे किसानों को राहत देते हुए राज्य सरकार ने 21 अक्टूबर तक का समय दिया है.
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदने को कहा है. किसानों से अपील की है कि वह अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें. फसल खरीद के लिए राज्य सरकार की ओर से जिलावार 1400 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं. राज्य सरकार के अनुसार किसानों की उपज खरीद का दाम 48 घंटे के अंदर उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है.
इन जिलों के किसानों के लिए बढ़ी तारीख
मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार धान, ज्वार और बाजरा की खरीद की तिथि को बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2024 किया गया. यह तिथि राज्य के नर्मदापुरम जिला, रीवा, सतना, सिंगरौली, दमोह और बैतूल जिलों के लिए बढ़ाई गई. इन जिलों के किसान 21 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
8 लाख किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर फसल बिक्री के लिए 7.66 लाख से अधिक किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. एमपी कृषि विभाग के अनुसार मोटे अनाज की सरकारी खरीद 22 नवंबर से 2024 से शुरू होगी. जबकि, धान की खरीद 2 दिसंबर से होगी.
रजिस्ट्रेशन कराने का तरीका
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क