Gopal Ratna Award: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत साबित हो रहा है. सरकार की तरफ से ग्रामीणों को पशुपालन के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इसी के तहत मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने साल 2022 के लिए राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कारों के लिए आवेदन मांगा है.
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 15.09.2022 रखी गई है. ये पुरस्कार राष्ट्रीय दुग्ध दिवस (26 नवंबर, 2022) के अवसर पर प्रदान किए जायेंगे. पात्रता आदि के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु और ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए वेबसाइट https://awards.gov.in को देखा जा सकता है.
ये है पशुपालन विभाग का उद्देश्य
पशुपालन एवं डेयरी विभाग किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान करने के लिए पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के प्रभावी विकास के उद्देश्य से हर संभव प्रयास कर रहा है. देश में पहली बार "राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)" दिसंबर 2014 में शुरू किया गया था. तहत हर साल डेयरी किसानों, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन और दुग्ध उत्पादक कंपनियों को गोपाल रत्न पुरस्कार देती है.
इस अवॉर्ड के लिए आवश्यक योग्यता
> इस पुरस्कार के लिए वही किसान योग्य हैं, जो गाय की 50 देसी नस्लों और भैंस की 18 देसी नस्लों में से किसी एक का पालन का पालन करता हों.
> कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन जिसने इस काम के लिए कम से कम 90 दिनों की ट्रेनिंग ली हो.
> दुग्ध उत्पादक कंपनी जो प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उत्पादन करती है, और उनके साथ तकरीबन 50 किसान जुड़े हुए हों.
तीन समूहों में दिया जाता है अवॉर्ड
राष्ट्रीय गोकुल किसान मिशन योजना के अंतर्गत हर साल तीनों समूहों में प्रथम द्वितीय और तृतीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कार दिया जाता है.
1. प्रथम पुरस्कार के तौर पर 5 लाख की धनराशि
2. द्वितीय स्थान पाने वाले के लिए तीन लाख की धनराशि
3. तृतीय स्थान वालों को दो लाख की धनराशि प्रदान की जाती
पशुपालन और डेयरी विभाग पुरस्कार विजेताओं को प्रत्येक श्रेणी में योग्यता का प्रमाण पत्र, एक स्मृति चिन्ह और एक निश्चित राशि देता है.
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