उत्तर प्रदेश सरकार ने पराली जलाने से किसानों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. गाजीपुर कृषि विभाग ने अपने जिले में पराली जलाने वाले किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की योजना से वंचित रखने का फैसला किया है. अन्य जिलों में भी कृषि विभाग पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसा ही कदम उठा रहा है.
सालाना 6 हजार रुपये से रह जाएंगे वंचित
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. इस पैसे को साल में तीन बार 2-2 हजार रुपये की किस्त के रूप में दिया जाता है. ऐसे में अगर किसान पराली जलाते हैं तो साल भर में इस योजना के तहत मिल रहे 6 हजार रुपये से वह वंचित रह जाएंगे.
पराली जलाने पर देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
एनजीटी के नियमों के अनुसार, खेतों में पराली जलाना गैरकानूनी है. ऐसा करने वाले किसानों पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. शासन की ओर से खेतों में अवशेष पराली जलाने वाले किसानों को जुर्माना से दंडित किए जाने का प्रावधान है. कृषि विभाग के मुताबिक 2 एकड़ या उससे कम के क्षेत्रफल वाले किसानों को खेतों में पराली जलाने के लिए 2500 रुपये तक की पेनल्टी ली जाएगी. वहीं, 2 से 5 एकड़ भूमि वाले किसानों को पराली जलाते पकड़े जाने पर 5 हजार के जुर्माने का प्रावधान है. 5 से अधिक एकड़ क्षेत्रफल वाले किसानों पर 15 हजार जुर्माना लगाया जा सकता है.
पराली से बना सकते हैं खाद
धान की पराली के व्यावसायिक उपयोग पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए. इस बारे में किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है. साथ ही पराली निस्तारण के लिए यंत्र भी सब्सिडी पर दी जा रही है. अगर आपके सामने भी पराली के निपटान की समस्या है तो आप इससे ऑर्गेनिक खाद तैयार कर सकते हैं. पराली से खाद बनाने के लिए आपको सबसे पहले इसे एक गड्ढे में गलाना पड़ता है. आप इसे खाद बनाने की यूनिट में केंचुए डालकर ढक सकते हैं. कुछ दिनों में इससे खाद तैयार हो जाएगी. इस खाद को आप अपने खेत में इस्तेमाल कर सकते हैं या जरूरत नहीं होने पर किसी और को बेचकर पैसे भी कमा सकते हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क